असम के सरायदेव जिले से सामने आई यह ग्राउंड रिपोर्ट बाढ़ की भयावह तबाही की ऐसी तस्वीर दिखाती है, जिसे देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं. 1935 में स्थापित एक प्रतिष्ठित स्कूल पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया. क्लासरूम में 6 फीट तक पानी भर गया, जिससे बच्चों की किताबें, रजिस्टर, लैपटॉप, कंप्यूटर, टैबलेट, इन्वर्टर और खेल सामग्री तक बर्बाद हो गई. अब स्कूल में हर तरफ कीचड़, बदबू और तबाही का मंजर पसरा है. करीब 38 हजार छात्रों की पढ़ाई इस आपदा से प्रभावित हुई है. शिक्षकों का कहना है कि अपने पूरे जीवन में उन्होंने स्कूल की ऐसी हालत कभी नहीं देखी. बाढ़ ने सिर्फ भवन और सामान ही नहीं छीना, बल्कि हजारों बच्चों के सपनों और शिक्षा पर भी गहरी चोट पहुंचाई है. अब स्कूल को दोबारा खड़ा करने में महीनों नहीं, बल्कि शायद सालों लग जाएं.