बाढ़ का पानी उतरने लगा है, लेकिन तबाही की तस्वीरें अब भी लोगों की आंखों के सामने तैर रही हैं. किसी ने अपना जवान बेटा खो दिया, किसी का भाई तीन दिन बाद मलबे और पानी के बीच मृत मिला, तो किसी की जिंदगी भर की कमाई कुछ ही घंटों में बह गई. कई परिवार आज भी राहत शिविरों और दूसरों के घरों में रहने को मजबूर हैं. ग्राउंड पर लोगों का दर्द सिर्फ टूटे घरों या बर्बाद सामान तक सीमित नहीं है. घरों में 6 फीट तक पानी भर गया, दुकानें, खेत, मवेशी और रोजी-रोटी सब कुछ खत्म हो गया. कई लोगों ने बताया कि उनके गांव में मौतें हुईं, जबकि राहत मिलने के बावजूद पीने के पानी, रहने और दोबारा जिंदगी शुरू करने की सबसे बड़ी चुनौती अब भी सामने खड़ी है.