असम में चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चरम पर है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के तीखे बयान, मुस्लिम राजनीति का उभार, कांग्रेस की रणनीति और AIMIM की एंट्री ने मुकाबले को जटिल बना दिया है. वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र चौहान के साथ इस चर्चा में असम की राजनीति के ध्रुवीकरण, मुस्लिम वोट बैंक की भूमिका, BJP के सामने एंटी-इनकम्बेंसी की चुनौती और राष्ट्रीय स्तर पर इसके असर को समझने की कोशिश की गई है.