ईरान ने इन अधिकांश अमेरिकी सैन्य अड्डों को जमींदोज कर दिया है. अब जंग का अंजाम चाहे जो भी हो. इस बीच सवाल यह पैदा हो रहा है कि आखिर जब ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह किया, तो फिर खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर मुस्लिम देश बनाने की मैली मंशा में लिपटा पड़ा पाकिस्तान ईरानी हमलों से बचाने के लिए सऊदी अरब की तरफ से इस जंग में शामिल होने क्यों नहीं पहुंचा. जबकि बीते साल सितंबर महीने में ही तो सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच संधि हुई थी कि, एक देश पर हुआ हमला दूसरे देश पर हमला ही माना जाएगा. ऐसे में जिस देश पर हमला नहीं हुआ होगा वह देश उस देश की हर मदद करेगा जिसके ऊपर हमला हो रहा होगा. आखिर सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान द्वारा तबाह कर डाले जाने के बाद भी पाकिस्तान दुम दबाए खामोशी के साथ ‘बिल’ में बंद क्यों पड़ा है?