दिल्ली के बाद अब उत्तराखंड में युवाओं का बवाल! सरकार को क्यों दी 15 दिन की खुली चेतावनी? नहीं मानी बात तो होगा बड़ा आंदोलन- 10 Points
दिल्ली के बाद अब उत्तराखंड में भी रोजगार और भर्ती को लेकर युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखा. सचिवालय कूच के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई, कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. अब युवाओं ने सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है.
देशभर में रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. एक ओर दिल्ली में CJP के बैनर तले छात्र और युवा कई दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं और संसद कूच कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर चुके हैं. वहीं अब भाजपा शासित उत्तराखंड में भी बेरोजगार युवा सड़कों पर उतर आए हैं.
देहरादून में सचिवालय कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि सरकार से बातचीत के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया. हालांकि, बेरोजगार युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
10 प्वाइंट्स में जानें पूरा मामला
1. प्रदेश में खाली पड़े सरकारी पदों पर पारदर्शी भर्ती और लंबित भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित करने की मांग को लेकर सैकड़ों बेरोजगार युवाओं ने सचिवालय कूच किया.
2. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को इनकम टैक्स तिराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद युवा वहीं धरने पर बैठ गए.
3. सुबह से ही प्रदेशभर के बेरोजगार देहरादून के परेड ग्राउंड पहुंचने लगे थे. करीब 12:30 बजे उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में 'युवा आक्रोश रैली' परेड ग्राउंड से तिब्बती मार्केट, कनक चौक होते हुए सचिवालय की ओर निकली.
4. रैली के दौरान युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रोजगार तथा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोहराई.
5. उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि सरकार लगातार केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन युवाओं को न रोजगार मिल रहा है और न ही बेहतर शिक्षा के अवसर. उन्होंने कहा कि अब भी सरकार नहीं चेती तो युवाओं को अपनी ताकत दिखानी पड़ेगी.
6. प्रदर्शनकारियों ने जेई, एई भर्ती, फॉरेस्ट गार्ड के करीब 1000 पदों के अलावा सहायक लेखाकार, स्केलर, कनिष्ठ सहायक, पुरुष एवं महिला कांस्टेबल, पुलिस उपनिरीक्षक, वन दरोगा, आबकारी दारोगा, बंदी रक्षक, आबकारी सिपाही, प्रवर्तन सिपाही और सचिवालय रक्षक समेत कई पदों पर जल्द भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की.
7. दूसरी ओर, नर्सिंग भर्ती परीक्षा निरस्त कर वर्षवार भर्ती लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार देर रात नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले नर्सिंग अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे.
8. पुलिस ने नर्सिंग अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया. कुछ महिला अभ्यर्थियों को कैंट थाने ले जाया गया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों को एकता विहार स्थित धरना स्थल भेज दिया गया.
9. आश्वासन मिलने के बाद उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया, लेकिन संगठन ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
10. बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि अगली बार आंदोलन और उग्र होगा तथा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) और लोक सेवा आयोग के कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी.




