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उत्तराखंड का कैसा है हाल, क्यों रोकनी पड़ी चार धाम यात्रा, आगे ऐसा रहेगा पूरे राज्य का मौसम

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात मुश्किल कर दिए हैं. कई जगह भूस्खलन और बढ़ते जलस्तर के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है.

उत्तराखंड का कैसा है हाल, क्यों रोकनी पड़ी चार धाम यात्रा, आगे ऐसा रहेगा पूरे राज्य का मौसम
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क्यों रोकनी पड़ी चार धाम यात्रा

( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 20 July 2026 3:30 PM IST

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर भी बड़ा असर डाला है. कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा को फिलहाल रोक दिया है और रास्ते पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए हैं.

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, हरिद्वार समेत कई जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. प्रशासन लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम व यात्रा संबंधी अपडेट पर भरोसा करने की अपील कर रहा है.

क्यों रोकी गई चारधाम यात्रा?

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, पौड़ी और हरिद्वार समेत कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. खराब मौसम और रास्तों पर भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है. गढ़वाल मंडल प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए. जब तक रास्ते पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक किसी भी यात्री को आगे नहीं भेजा जाएगा.

क्यों बढ़ रहा है लैंडस्लाइड का खतरा?

लगातार होने वाली तेज बारिश से पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो जाती हैं. जब मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी भर जाता है, तो उसकी पकड़ ढीली पड़ जाती है और चट्टानें तथा मलबा नीचे की ओर खिसकने लगता है. यही कारण है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं. इससे सड़कें बंद हो जाती हैं और यात्रा करना जोखिम भरा हो जाता है.

रुद्रप्रयाग में नदियों का बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश का असर रुद्रप्रयाग जिले में भी साफ दिखाई दे रहा है. अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और दोनों नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं. बढ़ते पानी की वजह से नमामि गंगे परियोजना के तहत बने कई घाट भी पानी में डूब गए हैं. पिछले 24 घंटे में रुद्रप्रयाग में 22 मिमी, ऊखीमठ में 77 मिमी और जखोली में 53 मिमी बारिश दर्ज की गई है. जिले में हल्की बारिश और घना कोहरा अभी भी बना हुआ है.

अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट लागू है. कुछ इलाकों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और अचानक जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं, मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें. मौसम सामान्य होने और रास्तों को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी.

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