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देहरादून में PG मेडिकल छात्रा ने कार में किया सुसाइड, परिवार ने HOD पर लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप

देहरादून में एक PG मेडिकल छात्रा की कार के अंदर संदिग्ध हालात में मौत हो गई. परिवार ने HOD पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 27 March 2026 9:51 AM

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बहुत दुखद घटना सामने आई है. यहां 25 साल की एक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रा ने अपनी कार के अंदर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्रा का नाम तन्वी मोहन है. उसके पिता डॉ. ललित मोहन हरियाणा के अंबाला शहर में रहते हैं. तन्वी मूल रूप से अंबाला की रहने वाली थी और देहरादून में मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी. पुलिस और परिवार के अनुसार, तन्वी नेत्र विज्ञान यानी ऑप्थेल्मोलॉजी विभाग में पोस्टग्रेजुएट छात्रा थी.

उसके परिवार वालों ने इस घटना के लिए विभाग की एचओडी (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) डॉ. प्रियंका गुप्ता को जिम्मेदार ठहराया है. परिवार का आरोप है कि डॉ. प्रियंका गुप्ता लगातार तन्वी को मानसिक रूप से परेशान और प्रताड़ित कर रही थी. इसी मानसिक उत्पीड़न के कारण तन्वी इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो गई. तन्वी के पिता डॉ. ललित मोहन ने इस मामले में पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

घटना कैसे हुई?

बुधवार की सुबह तन्वी के पिता ने कारगी रोड पर अपनी बेटी की कार खड़ी हुई देखी. जब उन्होंने कार के अंदर झांका तो तन्वी बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी. उसके हाथ में एक कैनुला लगा हुआ था और कार के फर्श पर इंजेक्शन की कई खाली शीशियां बिखरी पड़ी थी. पिता ने तुरंत कार का शीशा तोड़कर बेटी को बाहर निकाला और उसे सबसे नजदीकी अस्पताल ले गए. वहां डॉक्टरों ने तन्वी को मृत घोषित कर दिया.

तन्वी काफी समय से डिप्रेशन में थी

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि तन्वी पिछले काफी समय से डिप्रेशन की समस्या से जूझ रही थी. इस वजह से उसकी मां भी अंबाला से देहरादून आकर बेटी के साथ रहने लगी थीं ताकि उसका ख्याल रख सकें. मंगलवार रात को तन्वी ने अपनी मां को एक मैसेज भेजा था. उसमें उसने बताया था कि वह रात 12:30 बजे तक अस्पताल से घर वापस आ जाएगी. लेकिन जब काफी देर हो गई और तन्वी न तो घर लौटी और न ही उसके फोन की घंटी उठी, तो मां ने तुरंत अंबाला में रह रहे पति (तन्वी के पिता) को फोन करके सारी बात बताई.

माता-पिता रात में ही देहरादून पहुंचे

खबर मिलते ही तन्वी के पिता अपनी गाड़ी लेकर उसी रात अंबाला से देहरादून के लिए निकल पड़े. पहुंचकर उन्होंने पत्नी के साथ मिलकर बेटी की तलाश शुरू कर दी. काफी ढूंढने के बाद उन्हें कारगी रोड पर तन्वी की कार दिखाई दी. कार के अंदर तन्वी बेहोश अवस्था में पड़ी हुई थी. पिता ने किसी तरह पत्थर से कार का शीशा तोड़कर बेटी को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

पुलिस क्या कर रही है?

पुलिस ने पुष्टि की है कि तन्वी के पिता की शिकायत पर डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. अब इस पूरे मामले की गहन जांच चल रही है. पुलिस का कहना है कि उत्पीड़न के आरोपों की सच्चाई जानने के लिए विभाग के अन्य छात्रों, स्टाफ सदस्यों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जाएगी. यह घटना मेडिकल छात्राओं पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और उत्पीड़न के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला रही है. परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है ताकि उनकी बेटी की मौत का सही कारण सामने आए और दोषियों को सजा मिले.

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