देश में चारों तरफ हंगामा है, बाबा रामदेश को क्या हुआ? खराब शिक्षा व्यवस्था से लेकर नौकरियों में घोटाले और घपलों पर खुलकर बोले
छात्रों के प्रोटेस्ट और सरकारी नौकरी की भर्तियों में घोटाले को लेकर बाबा रामदेव ने खुलकर बात की है. शिक्षा और रोजगार को लेकर उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए हैं.
baba ramdev
पहले जंतर-मंतर और अब झारखंड़ के रांची में छात्रों का प्रोटेस्ट जारी है, लगातार हो रहे पेपर लीक, रिजल्ट में देरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र अब सड़कों पर उतर रहे हैं. जिसने कहीं न कहीं सरकार को भी सोचने को मजबूर कर दिया है. जबसे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ है तबसे छात्रों के हौंसले बुलंद है. इस बीच अब योग गुरु स्वामी रामदेव ने देश में चल रहे छात्र आंदोलनों और सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ में आयोजित कार्यक्रम में रामदेव ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में छात्रों का सड़कों पर उतरना शिक्षा और रोजगार व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की ओर संकेत करता है.
झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई. उन्होंने शिक्षकों, किताबों, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं के अभाव के साथ-साथ नकल और पेपर लीक की घटनाओं को भी गंभीर समस्या बताया.
बाबा रामदेव ने क्या उठाए सवाल?
रामदेव ने कहा कि छात्रों का विरोध केवल किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है. उनके मुताबिक, कई स्कूलों और कॉलेजों में आज भी छात्रों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. उन्होंने शिक्षकों की कमी के साथ किताब, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं का मुद्दा उठाया. रामदेव ने कहा कि जब शिक्षा व्यवस्था में इस तरह की कमियां बनी रहती हैं तो छात्रों में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है.
पेपर लीक और नकल पर क्या बोले?
रामदेव ने देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आने वाली नकल और पेपर लीक की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने संकेत दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है जो लंबे समय तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं. रामदेव के मुताबिक, शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता युवाओं के भरोसे के लिए बेहद जरूरी है.
सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर क्या है आरोप?
सरकारी नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया पर रामदेव ने सबसे गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि इंटरव्यू के दौरान 90 प्रतिशत" भ्रष्टाचार होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में योग्यता के बजाय जाति, समुदाय, सामाजिक समूह या विचारधारा जैसे आधारों पर उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है. रामदेव ने कहा कि ऐसी व्यवस्था में योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होने की आशंका रहती है.
रामदेव ने सरकार और व्यवस्था को समय रहते सुधार करने की सलाह दी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा "अभी भी समय है. व्यवस्था में सुधार कीजिए, अन्यथा देश में और भी आंदोलन हो सकते हैं," उनका कहना था कि यदि छात्रों और युवाओं की समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो असंतोष आगे और व्यापक रूप ले सकता है।
विरोध के नाम पर हिंसा को लेकर क्या बोले?
रामदेव ने यह भी स्पष्ट किया कि वह विरोध प्रदर्शनों के नाम पर हिंसा या अराजकता के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को सामने रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना अलग बात है, लेकिन हिंसा और अव्यवस्था को उचित नहीं ठहराया जा सकता.




