चीनी की कीमतों में पिछले करीब 10 दिनों में तेज उछाल देखने को मिला है और थोक कारोबारियों के मुताबिक कई किस्मों में करीब ₹10-15 प्रति किलो तक का फर्क आया है. कारोबारियों का कहना है कि दुकानदार अपनी तरफ से कीमत नहीं बढ़ा रहे, बल्कि उन्हें चीनी मिलों और पीछे की सप्लाई चेन से ही माल महंगा मिल रहा है. न्यू कोंडली मार्केट के कारोबारियों के मुताबिक 10 दिन पहले जिस चीनी का भाव करीब ₹50 के आसपास था, वह अब थोक में करीब ₹60 के आसपास पहुंच गई है. खुदरा बाजार में इसमें करीब ₹2 या उससे ज्यादा का अंतर जुड़ सकता है, हालांकि चीनी में दुकानदारों का मार्जिन आमतौर पर काफी कम रहता है. कारोबारियों ने चीनी की कमी या जमाखोरी से इनकार किया और कहा कि गोदामों और बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, वहीं कुछ कारोबारियों ने चीनी उत्पादन में कमी और एथेनॉल उत्पादन को लेकर बनी नीति को कीमतों में तेजी से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं. महंगी चीनी का असर खरीदारी पर भी दिख रहा है और कुछ व्यापारी भविष्य में कीमत गिरने के डर से पहले के मुकाबले कम स्टॉक खरीद रहे हैं. कारोबारियों का अनुमान है कि कीमतें कुछ समय बाद स्थिर हो सकती हैं, लेकिन उनका मानना है कि आने वाले दिनों में चीनी का नया सामान्य भाव ₹50 प्रति किलो से नीचे जाना मुश्किल हो सकता है.