हाईवे तक दिखाई देगी महंगाई! यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल बढ़ाने की तैयारी, जेवर विधायक बोले- ऐसा न हो, जनता पहले से परेशान
दिल्ली-एनसीआर से आगरा तक सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर महंगा हो सकता है. जिसको लेकर जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने आपत्ति जताई है.
दिल्ली-एनसीआर से आगरा तक सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर महंगा हो सकता है. एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी सुरक्षा समूह ने टोल दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव शासन को भेजा है. कंपनी का कहना है कि जेपी इंफ्राटेक के साथ हुए समझौते के अनुसार हर साल टोल दरों में संशोधन किया जाना चाहिए, लेकिन पिछले 2 सालों से टोल टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.
कंपनी अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव पर लगातार खर्च बढ़ रहा है. उनका दावा है कि अनुबंध के अनुसार होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर हर साल टोल दरें बढ़ाई जानी चाहिए. ऐसा नहीं होने से कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसका असर एक्सप्रेसवे के रखरखाव पर भी पड़ सकता है. इसी वजह से शासन से नई टोल दरें लागू करने की अनुमति मांगी गई है. सूत्रों के अनुसार शासन ने इस संबंध में यमुना प्राधिकरण से भी रिपोर्ट तलब की है.
कितनी होगी टोल में बढ़ोतरी?
जानकारी के मुताबिक यदि WPI के आधार पर नई दरें तय होती हैं तो टोल में कम से कम 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं पिछले 2 सालों से टोल नहीं बढ़ने के कारण दोनों सालों की गणना जोड़ने पर यह बढ़ोतरी 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. गौरतलब है कि वर्ष 2024 में यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में करीब 12 प्रतिशत तक वृद्धि की गई थी. इसका असर कार, बस और ट्रक समेत सभी बड़े वाहनों पर पड़ा था.
कितना देना पड़ता है टोल?
वर्तमान में ग्रेटर नोएडा से आगरा तक निजी कार से सफर करने पर लगभग 485 रुपये टोल देना पड़ता है. यदि 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होती है तो कार चालकों को करीब 20 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं. वहीं बस और ट्रक चालकों के लिए फिलहाल करीब 1545 रुपये टोल है. बाइक और ट्रैक्टर के लिए लगभग 250 रुपये टोल वसूला जा रहा है.
क्या बोले जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह?
वही प्रस्तावित टोल वृद्धि का जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने विरोध किया है. विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टोल बढ़ोतरी को स्थगित करने की मांग की है. साथ ही यमुना प्राधिकरण के सीईओ को भी पत्र भेजकर जनहित में पुनर्विचार की अपील की है. विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि "वर्तमान वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां बेहद संवेदनशील हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. इसके अलावा ईंधन, परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से आम जनता पहले ही परेशान है."
आगे उन्होंने कहा "टोल दरों में वृद्धि होने से लाखों दैनिक यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. इसका असर किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और उद्योगों पर भी दिखाई देगा." विधायक के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर की आर्थिक लाइफलाइन है तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने के बाद भविष्य में राजस्व स्वतः बढ़ने की संभावना है. उन्होंने सरकार और प्राधिकरण से मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रस्तावित टोल बढ़ोतरी को निरस्त या स्थगित करने की मांग की है.




