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VIDEO: सावन के महीने में ब्रह्मा जी और शिव-लिंग को लेकर विवादित बयान देने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की कुंडली, FIR की मांग

मौलाना जर्जिस अंसारी का भगवान शिव और शिवलिंग पर कथित विवादित बयान वायरल है. हिंदू संगठनों ने विरोध जताकर FIR की मांग की है.

VIDEO: सावन के महीने में ब्रह्मा जी और शिव-लिंग को लेकर विवादित बयान देने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की कुंडली, FIR की मांग
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी7 Mins Read

Published on: 31 July 2026 6:38 PM

उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला मौलाना जर्जिस अंसारी एक बार फिर अपने कथित विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह भगवान शिव और ब्रह्मा जी को लेकर आपत्तिजनक बातें करते हुए नजर आ रहा है. वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से मौलाना के खिलाफ कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है.

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सावन का पवित्र महीना चल रहा है. इससे पहले भी मौलाना जर्जिस अंसारी का भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिया गया कथित बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा था. अब भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर कथित टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया है.

भगवान शिव को लेकर क्या बोले मौलाना जर्जिस अंसारी?

वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी एक पंडित के साथ बातचीत का कथित प्रसंग सुनाते हुए दिखाई देते हैं. वह दावा करते हैं कि उन्होंने पंडित से कहा था कि 'खतना तो सबसे पहले आपके यहां शंकर जी ने करवाया था.' इसके बाद वह इस कथित बातचीत में ब्रह्मा, विष्णु और शिव के बारे में भी टिप्पणी करते हैं. मौलाना वीडियो में आगे कहता है कि हिंदू धर्म में ब्रह्मा जी दुनिया बनाने वाले, विष्णु पालन वाले और शिव को संहार करने वाले माने जाते हैं. इसके बाद वह भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर सवाल उठाते हुए धार्मिक मान्यताओं पर टिप्पणी करते हैं.

वायरल वीडियो में मौलाना आगे एक कथित कहानी सुनाते हुए कहते हैं कि ब्रह्मा जी ने शंकर जी को पैदा किया और उनके बड़े होने के बाद उनके लिंग को नापने की बात कही गई. वह दावा करते हैं कि हजारों साल तक इसे नापा जाता रहा और एक दिन ब्रह्मा जी को गुस्सा आया, जिसके बाद उन्होंने उसे काट दिया. मौलाना इसी कथित कहानी को शिवलिंग की पूजा से जोड़ते हुए अपनी बात आगे बढ़ाते हैं. ये बयान मौलाना जर्जिस अंसारी के द्वारा कथित बात पर आधारित है. इन्हें धार्मिक ग्रंथों या हिंदू धर्म की प्रमाणित मान्यता के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. कई यूजर्स ने उत्तर प्रदेश पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को टैग करते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया जा रहा है कि मौलाना लगातार हिंदू देवी-देवताओं को लेकर विवादित बयान दे रहे हैं. हालांकि, ऐसे सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है और किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फैसला जांच और संबंधित प्राधिकारियों की प्रक्रिया के आधार पर ही होता है.

पहले श्रीकृष्ण को लेकर भी दिया था कथित बयान

मौलाना जर्जिस अंसारी का नाम इससे पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर वायरल हुए एक वीडियो के कारण भी चर्चा में आया था. दावा किया गया था कि 23 जून 2026 को झारखंड में दिए गए एक भाषण के दौरान उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का जिक्र करते हुए भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताया और कहा कि वह दिन में पांच वक्त नमाज पढ़ते थे. वायरल क्लिप में उनसे जुड़ा एक और दावा भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्लाम से जुड़ी किताब पढ़ने की बात कही गई थी. हालांकि, इन बयानों के संबंध में भी वीडियो का पूरा संदर्भ और स्वतंत्र सत्यापन अलग से जरूरी है.

भोपाल में हिंदू संगठनों ने दी विरोध की चेतावनी

भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर कथित टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद भोपाल में भी विरोध की बात सामने आई है. रिपोर्टों के मुताबिक, श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने मौलाना के बयान पर आपत्ति जताई है. संगठनों की ओर से कथित तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर मौलाना जर्जिस अंसारी भोपाल आते हैं तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. कुछ पदाधिकारियों ने उनके मुंह पर कालिख पोतने, गधे पर बैठाने और जूतों की माला पहनाने जैसी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए चेतावनी दी है.

मौलाना जर्जिस अंसारी की कुंडली?

मौलाना जर्जिस अंसारी उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले हैं और खुद को इस्लामिक उपदेशक के तौर पर पेश करता है. धार्मिक मुद्दों पर उनके भाषण और सोशल मीडिया पर सामने आने वाले वीडियो अक्सर चर्चा में रहते हैं. हालांकि, कुछ बयानों और विवादों को लेकर उनका नाम पहले भी सुर्खियों में आ चुका है.

बयानों को लेकर पहले भी विवादों में रहे

जर्जिस अंसारी के पुराने बयानों को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं. जून 2022 में अनुसूचित जाति और महिलाओं से जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मामला चर्चा में आया था. रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी. फरवरी 2026 में भी उनके एक कथित बयान को लेकर विवाद हुआ था. आरोप था कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को पश्चिम बंगाल में बसने की सलाह दी. इसके अलावा राम मंदिर को लेकर उनके नाम से एक कथित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “वह आज भी बाबरी है और कल भी बाबरी ही रहेगी.”

रेप केस में सजा का भी दावा

जर्जिस अंसारी को लेकर एक गंभीर आपराधिक मामले का भी उल्लेख मिलता है. दावा किया जाता है कि वाराणसी की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2022 में शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने के मामले में उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी. हालांकि, इस तरह के गंभीर आपराधिक दावे को प्रकाशित करने से पहले अदालत के फैसले, केस नंबर और आधिकारिक रिकॉर्ड से इसकी स्वतंत्र पुष्टि करना जरूरी है. किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप और अदालत से दोषसिद्धि, दोनों को एक ही तरह से प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए.

विवादित बयानों के कारण फिर चर्चा में

अब भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर कथित टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद जर्जिस अंसारी फिर विवादों में हैं. सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है. इससे पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर उनके नाम से वायरल हुए कथित बयान पर भी सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी.

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