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UP का एक गांव, जिसके दिल में बसी IAS Divya Mittal कौन? साल 2023 में किया था ऐसा काम होने लगी थी लड़कों की शादी!

हाल ही में आईएएस दिव्या मित्तल का दबादला देखने को मिला. यूपी का एक गांव आज भी दिव्या मित्तल को उनके खास काम के लिए याद करता है, जिसके बाद से वहां के लड़को की शादी होने लगी.

IAS Divya Mittal success story
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IAS Divya Mittal success story

( Image Source:  X/ @DearAspirant, @iam_kapishwar )

अपनी सख्त कार्यशैली और बेबाक अंदाज के लिए पहचान रखने वाली आईएएस दिव्या मित्तल प्रशासनिक जगत का एक चर्चित नाम बन चुकी हैं. विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को फटकार लगाने से लेकर तहसील दिवस में लापरवाह कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तक, दिव्या मित्तल हमेशा अपनी तेजतर्रार छवि के कारण सुर्खियों में रहती हैं.

उनकी कार्यशैली का असर यह है कि आम जनता उन्हें एक ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी के रूप में देखती है. हाल ही में यूपी में 38 आईएएस अधिकारियों के दबादले किए गए, जिसमें दिव्या मित्तल का नाम भी शामिल है. यूपी का एक गांव आज भी दिव्या मित्तल को उनके खास काम के लिए याद करता है, जिसके बाद से वहां के लड़को की शादी होने लगी.

कौन हैं दिव्या मित्तल?

दिव्या मित्तल ने साल 2012 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली थी. शुरुआती चयन आईपीएस सेवा के लिए हुआ, लेकिन उन्होंने यहीं रुकना स्वीकार नहीं किया. ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और वर्ष 2013 में ऑल इंडिया 68वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बन गईं. अपने करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह देवरिया और मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं. इसके अलावा बरेली विकास प्राधिकरण की वीसी, संयुक्त एमडी यूपीएसआईडीए, सीडीओ गोंडा और मवाना मेरठ में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं हैं.

नीति आयोग में सहायक सचिव के रूप में कार्य करते समय दिव्या मित्तल ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां तैयार कीं. बताया जाता है कि प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई उनकी पांच प्रस्तुतियों में से एक को विशेष रूप से चुना गया था. यह उपलब्धि उनके प्रशासनिक कौशल और नीति निर्माण में उनकी गहरी समझ को दर्शाती है.

किससे हुई शादी?

पढ़ाई पूरी होने के बाद दिव्या मित्तल ने अपने सहपाठी गगनदीप सिंह से शादी की. शादी के बाद दोनों लंदन चले गए, जहां उन्हें करीब 46 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी मिली थी. हालांकि विदेश की जिंदगी उन्हें ज्यादा समय तक आकर्षित नहीं कर सकी. दोनों ने भारत लौटकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. मेहनत और लगन का नतीजा यह रहा कि आज पति-पत्नी दोनों ही आईएएस अधिकारी हैं.

क्या है UP के गांव का खास किस्सा?

दिव्या मित्तल जब मिर्जापुर की जिलाधिकारी थीं, तब उन्होंने क्षेत्र के कई विकास कार्यों को प्राथमिकता दी. खासतौर पर लाहुरिया दाह गांव में सालों से चले आ रहे जल संकट को खत्म करने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही. गांव में पीने के पानी की भारी समस्या थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक हालात ऐसे थे कि पानी की कमी के कारण गांव के युवकों की शादी तक नहीं हो पाती थी.

दिव्या मित्तल ने अपनी निगरानी में पाइपलाइन के जरिए गांव तक पानी पहुंचाने की योजना को पूरा कराया. जल जीवन मिशन के तहत अगस्त 2023 में पहली बार गांव में स्वच्छ पेयजल पहुंचा. इस पहल के बाद गांव वालों की जिंदगी बदल गई और आज भी लोग दिव्या मित्तल को दिल से याद करते हैं. मिर्जापुर से उनके तबादले के समय स्थानीय लोगों ने उन पर गुलाब के फूल बरसाए और उनके कार्यों के लिए आभार जताया था.

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