Begin typing your search...

कौन हैं चार्टर्ड अकाउंटेंट, NALCO चेयरमैन और VHP वाले बजरंग बागड़ा, चंपत राय की जगह चला जिनका नाम?

चंपत राय के इस्तीफे के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव के लिए बजरंग बागड़ा का नाम चला. हालांकि अभी उन्हें ये जिम्मेदारी नहीं दी गई है. जानिए उनका VHP, NALCO से जुड़ा अनुभव और प्रोफाइल.

, Bajrang Bagra Biography
X
( Image Source:  Bajrang Bagra facebook )

अयोध्या में सोमवार यानी 6 जून को हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया. ट्रस्ट ने लंबे समय से जनरल सेक्रेटरी रहे चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनकी जगह अंतरिम जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को दी गई है. कृष्ण मोहन ने ही चंदा चोरी मामले में एफआईआर कराई थी. कृष्ण मोहन ट्रस्ट के सदस्य हैं.

इस बीच खबर ये भी आई कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा को नया जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के भविष्य के कामकाज, मंदिर निर्माण से जुड़े अगले चरण, प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई. इस मामले की जांच पुलिस व स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है. ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन को ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

कौन हैं बजरंग बागरा?

बजरंग बागड़ा का नाम कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और हिंदू संगठनों में लंबे प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है. वे वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री (International General Secretary) हैं. फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित VHP के न्यासी मंडल और प्रबंध समिति (Management Committee) की बैठक में उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. संगठन में उनकी पहचान एक ऐसे प्रशासक की रही है, जिसने वित्तीय अनुशासन और संगठनात्मक विस्तार दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

राजस्थान से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर

राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले बजरंग बागड़ा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं. उन्होंने निजी क्षेत्र के बजाय सार्वजनिक उपक्रमों में लंबा और सफल करियर बनाया. वित्तीय प्रबंधन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव उन्हें देश के प्रमुख प्रशासनिक पेशेवरों में शामिल करता है. यही अनुभव अब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

NALCO के CMD रह चुके हैं बागड़ा

राम मंदिर ट्रस्ट के नए जनरल सेक्रेटरी बनने से पहले बजरंग बागड़ा नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) रह चुके हैं. NALCO, केंद्रीय खान मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है. इस दौरान उन्होंने कंपनी के वित्तीय और प्रशासनिक संचालन का नेतृत्व किया. इससे पहले वे NALCO और RITES लिमिटेड में डायरेक्टर (फाइनेंस) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं. सार्वजनिक क्षेत्र में दशकों तक काम करने के कारण उन्हें बड़े संस्थानों के वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था का व्यापक अनुभव हासिल हुआ.

VRS के बाद पूरी तरह VHP से जुड़े

NALCO से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद बजरंग बागड़ा पूरी तरह विश्व हिंदू परिषद की संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ गए. उन्होंने संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं, जिनमें संयुक्त महामंत्री (Joint General Secretary) का पद भी शामिल है. इसके अलावा वे एकल अभियान के अध्यक्ष और CEO के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. संगठन के भीतर उनकी पहचान ऐसे पदाधिकारी के रूप में है, जो प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ वैचारिक और संगठनात्मक मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.

VHP में क्यों मानी जाती है उनकी खास पहचान?

विश्व हिंदू परिषद में बजरंग बागड़ा लंबे समय से हिंदू समाज, मंदिरों से जुड़े मुद्दों, धार्मिक मामलों, जनसंख्या नीति और धर्मांतरण जैसे विषयों पर संगठन का पक्ष रखने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं. संगठन के भीतर उन्हें मजबूत वित्तीय समझ, प्रशासनिक क्षमता और रणनीतिक निर्णय लेने वाले अनुभवी पदाधिकारी के रूप में देखा जाता है. यही कारण है कि उन्हें VHP के शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण स्थान मिला और अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

क्यों अहम मानी जा रही है नियुक्ति?

बजरंग बागड़ा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट अपने संचालन के नए चरण में प्रवेश कर रहा है. मंदिर निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा होने के बाद अब ट्रस्ट के सामने मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, दान का पारदर्शी प्रबंधन, वित्तीय जवाबदेही और भविष्य की विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने जैसी चुनौतियां हैं. सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट को उम्मीद है कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस और वित्तीय प्रबंधन में बागरा का लंबा अनुभव इन व्यवस्थाओं को और मजबूत करेगा.

दान विवाद के बीच बढ़ी जिम्मेदारी

बजरंग बागड़ा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट दान में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में है. मामले की जांच पुलिस और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है. हालांकि जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. ऐसे माहौल में नए जनरल सेक्रेटरी के सामने केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियां ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और लोगों का भरोसा बनाए रखने की चुनौती भी होगी.

अब क्या होगी नई भूमिका?

राम मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी के रूप में बजरंग बागड़ा ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन, वित्तीय प्रबंधन, विकास परियोजनाओं के समन्वय और संगठनात्मक फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे. माना जा रहा है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र और VHP में उनके लंबे अनुभव का लाभ ट्रस्ट को उसके अगले चरण के विकास और संस्थागत मजबूती में मिलेगा. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मंदिर प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना होगी.

अगला लेख