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गंदगी देखकर बिना नहाए लौट गए थे मॉरीशस के पीएम, सीएम योगी ने किस कुंभ को लेकर कही ये बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम में जल प्रदूषण के दावों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट में गंगा-यमुना का जल स्वच्छ पाया गया. 2013 और 2025 के कुंभ आयोजन की तुलना करते हुए उन्होंने स्वच्छता और जल संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया.

गंदगी देखकर बिना नहाए लौट गए थे मॉरीशस के पीएम, सीएम योगी ने किस कुंभ को लेकर कही ये बात
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नवनीत कुमार
Edited By:नवनीत कुमार2 Mins Read

Published on: 4 March 2025 10:34 AM

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में IIM और भारतीय डाक सेवा (IPS) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए संगम में जल प्रदूषण के दावों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग बेबुनियाद दावे कर रहे हैं, जबकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट में यह साबित हुआ है कि गंगा और यमुना का पानी पूरी तरह सुरक्षित और शुद्ध है. उन्होंने कुंभ और महाकुंभ के आयोजन में आए बदलावों पर भी विस्तार से चर्चा की.

योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में 2013 में आयोजित कुंभ और 2025 के महाकुंभ के बीच के अंतर को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि 12 साल पहले की स्थिति ऐसी थी कि एक देश के प्रधानमंत्री ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया था. लेकिन, अब सरकार ने जल की गुणवत्ता और स्वच्छता को प्राथमिकता दी है ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न आए. उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ 2025 के दौरान गंगा और यमुना का जल पहले से अधिक स्वच्छ और सुरक्षित था.

मॉरिशस के पीएम ने नहीं किया था गंगा स्नान

योगी आदित्यनाथ ने 2013 के कुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि तब मॉरिशस के प्रधानमंत्री संगम में गंदगी देखकर इतने व्यथित हुए कि उन्होंने स्नान करने के बजाय दूर से ही गंगा को प्रणाम किया और वापस चले गए. उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि आयोजन में कहीं न कहीं कमी रह गई थी. उसी समय उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति न आने पाए और 2025 के महाकुंभ को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सर्वोत्तम बनाया जाए.

UNESCO ने भी उठाए थे सवाल

महाकुंभ के विशाल आयोजन को देखते हुए कई पर्यावरणविदों और यूनेस्को समेत कई संगठनों ने गंगा-यमुना के जल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे. इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल की गुणवत्ता की लगातार जांच की गई है और सभी रिपोर्ट्स में यह पाया गया कि संगम का जल पूरी तरह साफ और प्रदूषण मुक्त है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल में स्नान का अवसर मिलेगा.

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