पकड़ा गया नोएडा मजदूर आंदोलन हिस्सा का फरार आरोपी अनिल, DCP का ड्राइवर वाला दावा निकला झूठा
नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने मजदूर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने और सोशल मीडिया पर कथित प्रोपेगेंडा फैलाने के मामले में फरार एक आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है.
noida workers protest
नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने मजदूर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने और सोशल मीडिया पर कथित प्रोपेगेंडा फैलाने के मामले में फरार एक आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है.
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया सेल के मुताबिक, 20 मई 2026 को गोपनीय सूचना के आधार पर मदरसन कंपनी के पीछे हनुमान मंदिर के पास से आरोपी अनिल कुमार पुत्र ब्रह्मपाल को गिरफ्तार किया गया. आरोपी मूल रूप से हापुड़ जिले के बाबूगढ़ छावनी थाना क्षेत्र के मुक्तेशरा गांव का रहने वाला है और वर्तमान में फेस-2 थाना क्षेत्र के नया गांव में किराए पर रह रहा था. पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र 32 वर्ष है और वह पांचवीं तक पढ़ा लिखा है.
पुलिस ने क्या-क्या दी जानकारी?
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पोस्ट वायरल की जा रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि अनिल कुमार यूपी पुलिस के किसी डीसीपी का ड्राइवर है और उसे जानबूझकर रिचा ग्लोबल नोएडा नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था ताकि मजदूर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काई जा सके.
पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है. पुलिस के अनुसार अनिल कुमार कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है और न ही वह कभी किसी पुलिस अधिकारी का ड्राइवर रहा है. वह दिल्ली में एक निजी संस्था से जुड़े व्यक्ति का प्राइवेट ड्राइवर है.
क्या रिचा ग्लोबल कंपनी में काम करता था आरोपी?
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अनिल कुमार का वर्तमान में रिचा ग्लोबल कंपनी से कोई संबंध नहीं है। वह करीब दो वर्ष पहले कंपनी में कर्मचारी रह चुका है. पुलिस के मुताबिक, जिस समूह द्वारा यह प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा था, उसी समूह ने स्वीकार किया है कि अनिल कुमार रिचा ग्लोबल ग्रुप में हिंसात्मक पोस्ट डाल रहा था. इनमें मोदी आ रहा है, बाईपास का उद्घाटन करने के लिए, पूरा रोड जाम कर देना चाहिए जैसे संदेश शामिल बताए गए हैं.
पुलिस का दावा है कि अनिल को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ग्रुप में नहीं जोड़ा था, बल्कि मजदूर आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने वाले समूह के एक व्यक्ति ने उसे ग्रुप में शामिल किया थ.। मामले में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और आगे की जांच में पुलिस जुटी हुई है.




