Begin typing your search...

Noida Airport से कब उड़ेंगी फ्लाइट्स, कितने शहरों को करेगा कनेक्ट, मिल गया जवाब

ग्रेटर नोएडा के जेवर में बना नवनिर्मित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब जल्द ही उड़ान संचालन की दिशा में आगे बढ़ सकता है. शुरुआती चरण में देश के लगभग 17 प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना पर एयरलाइंस कंपनियों ने काम तेज कर दिया है.

Noida Airport से कब उड़ेंगी फ्लाइट्स, कितने शहरों को करेगा कनेक्ट, मिल गया जवाब
X
मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Updated on: 23 April 2026 11:20 AM IST

ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनकर तैयार हुआ नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब जल्द ही उड़ान संचालन शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. शुरुआती चरण में देश के करीब 17 प्रमुख शहरों को जोड़ने की तैयारी तेजी से की जा रही है, जिससे उत्तर भारत में हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है.

हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि सभी जरूरी मंजूरियां समय पर मिलने पर अगले महीने के अंत तक घरेलू उड़ान सेवाएं शुरू की जा सकती हैं. एयरलाइंस कंपनियों ने भी रूट प्लानिंग और संचालन से जुड़ी तैयारियों को तेज कर दिया है.

17 शहरों के लिए घरेलू उड़ानों की योजना

एयरलाइंस कंपनियों ने पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट से 17 घरेलू रूट शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है. हालांकि किन शहरों को शामिल किया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है. अधिकारियों को जल्द से जल्द रूट नेटवर्क तय करने और टिकट बुकिंग सिस्टम को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संचालन शुरू होते ही यात्रियों को सुविधा मिल सके.

सुरक्षा मंजूरी बनी सबसे बड़ी चुनौती

एयरपोर्ट संचालन में सबसे अहम अड़चन सुरक्षा से जुड़ी मंजूरियों को लेकर है. ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से अंतिम अनुमति के लिए गृह मंत्रालय की आपत्तियों को दूर करने की प्रक्रिया जारी है. इसी बीच यह भी चर्चा में है कि सुरक्षा मानकों के तहत एयरपोर्ट के शीर्ष पद पर किसी भारतीय अधिकारी की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है.

विस्तार और भविष्य की योजनाएं

हाल ही में हुई यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की बैठक में एयरपोर्ट के विस्तार पर भी अहम निर्णय लिए गए. अगले दो वर्षों में 25 नए एयरक्राफ्ट स्टैंड बनाने की योजना है, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वर्तमान में यहां 28 स्टैंड और 10 एयरोब्रिज तैयार किए जा चुके हैं.

परियोजना की मौजूदा स्थिति

पहले चरण में लगभग 1334 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया गया है, जिसमें 3900 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और कार्गो सुविधाएं शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण कार्य अभी जारी है. अगर सभी सुरक्षा मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो जेवर एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों की शुरुआत मई के अंत तक संभव मानी जा रही है. यह परियोजना उत्तर भारत के हवाई नेटवर्क को नई गति देने की क्षमता रखती है.

अगला लेख