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जन्म से लेकर संघर्ष तक, नोएडा के दुर्गा पूजा पंडाल में दिखेगी नारी शक्ति की कहानी; बंगाली कला और स्ट्रीट आर्ट का होगा अनूठा मेल

नोएडा के सेक्टर-50 स्थित सप्तर्षि संघ दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में इस बार नारी शक्ति और महिला सशक्तीकरण को थीम बनाया गया है. करीब 22 साल पुरानी समिति के पंडाल में बंगाली कला, स्ट्रीट आर्ट और कैनवास पेंटिंग के जरिए महिलाओं के जीवन, रिश्तों और सामाजिक भूमिका को दिखाया जाएगा.

Noida Durga Puja 2026 Pandal to Showcase Nari Shakti
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मोहम्मद रज़ा
मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Published on: 8 Oct 2026 5:10 PM

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन की तैयारियों के साथ नोएडा के दुर्गा पूजा पंडालों में इस बार भव्य सजावट के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी देखने को मिलेंगे. सेक्टर-50 के कम्युनिटी सेंटर में करीब 22 वर्षों से दुर्गा पूजा आयोजित कर रही सप्तर्षि संघ दुर्गा पूजा समिति ने इस बार नारी शक्ति और महिला सशक्तीकरण को अपनी थीम बनाया है. पंडाल में बंगाली कला, पारंपरिक सजावट और स्ट्रीट आर्ट के जरिए स्त्री जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा.

समिति की थीम इस विचार पर आधारित है कि स्त्री से ही परिवार और समाज की शुरुआत होती है. मां दुर्गा स्वयं शक्ति का स्वरूप हैं. इसी संदेश को पंडाल की सजावट में उकेरा जा रहा है.


क्यों खास है नोएडा का दुर्गा पंडाल?

  • दुर्गा पंडाल के चारों ओर पीले रंग के कपड़े लगाए जा रहे हैं. इन पर महिलाओं के जन्म से लेकर उनके बड़े होने और जीवन के अलग-अलग पड़ावों को कैनवास पर चित्रों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा.
  • पंडाल की छत पर महिलाओं के अलग-अलग रिश्तों को बंगाली भाषा में लिखा जा रहा है. इसमें मां, बहन, मामी, भाभी समेत महिलाओं से जुड़े रिश्तों को दर्शाया जाएगा.
  • इसके अलावा, पंडाल के आसपास महिलाओं के अलग-अलग स्वरूप और उनकी भूमिका को दिखाने वाले कैनवास भी लगाए जाएंगे.
  • इस बार खास बात यह है कि महिलाएं सिर्फ दुर्गा पूजा में शामिल होने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पंडाल की थीम को आकार देने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
  • कामकाजी महिलाएं अपने दफ्तर से लौटने के बाद शाम के समय पंडाल में पहुंचकर कैनवास पर पेंटिंग और पोस्टर तैयार कर रही हैं.
  • पंडाल में महिलाओं के लिए शक्ति के स्वरूप पर आधारित सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है.
  • सजावट में पारंपरिक बंगाली कला के साथ स्ट्रीट आर्ट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. समिति की ओर से पंडाल की थीम और डिजाइन तैयार करने के बाद उसी के अनुरूप कलाकार इसे अंतिम रूप दे रहे हैं.
  • पंडाल और कैनवास पेंटिंग तैयार करने के लिए कोलकाता और बंगाल से कारीगर बुलाए गए हैं.
  • डेकोरेटर अरिंदम सरकार ने 'स्टेट मिरर' से बातचीत में बताया कि करीब 15 कारीगर पंडाल तैयार करने में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि समिति की ओर से नारी सशक्तीकरण से जुड़ी थीम बताई गई थी, जिसके आधार पर पंडाल का डिजाइन तैयार किया जा रहा है.
  • अरिंदम सरकार के मुताबिक, पंडाल की छत पर महिलाओं के अलग-अलग रिश्तों को बंगाली भाषा में लिखा जा रहा है. वहीं, चारों तरफ महिलाओं के अलग-अलग रूपों को दिखाने वाले कैनवास लगाए जाएंगे. कुछ डिजाइन कलाकारों की ओर से तैयार किए गए हैं, जबकि बाकी डिजाइन समिति की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर बनाए जा रहे हैं.


अरिंदम सरकार ने बताया कि 14 तारीख तक पंडाल को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इस बार समिति की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के दर्शन के साथ महिला शक्ति और समाज में महिलाओं की भूमिका का संदेश भी मिले.

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