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Shardiya Navratri 2026: माता की चौकी इस दिशा में रखना माना जाता है अशुभ, चौकी में ये चीजें रखना न भूलें

शारदीय नवरात्रि में माता की चौकी सजाने से पहले सही दिशा का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार चौकी उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में रखें और इस पर कलश, नारियल, चुनरी, मौली, अक्षत, रोली, फूल और दीपक जैसी चीजें जरूर रखें.

Shardiya Navratri 2026: माता की चौकी इस दिशा में रखना माना जाता है अशुभ, चौकी में ये चीजें रखना न भूलें
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( Image Source:  META AI )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 7 Oct 2026 11:47 AM IST

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने जा रही है. नवरात्रि आते ही घरों में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. लोग पूजा की जगह की सफाई करते हैं, फूलों और चुनरी से सजावट करते हैं और माता रानी के लिए चौकी सजाते हैं. लेकिन चौकी लगाने से पहले यह जानना भी जरूरी है कि इसे घर की किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है और किन चीजों के बिना माता की चौकी अधूरी मानी जाती है.

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता की चौकी के लिए घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा शुभ मानी जाती है. वहीं, चौकी पर मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति के साथ लाल या पीली चुनरी, कलश, नारियल, मौली, अक्षत, रोली, फूल और दीपक जैसी पूजा सामग्री रखी जाती है.अगर आप भी इस नवरात्रि घर में माता की चौकी सजाने जा रहे हैं, तो दिशा से लेकर जरूरी सामग्री तक इन बातों का ध्यान जरूर रखें.

माता की चौकी क्यों लगाई जाती है?

नवरात्रि में नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. इसी दौरान लोग घर में माता की चौकी सजाते हैं और मां की प्रतिमा या तस्वीर को पूरे विधि-विधान के साथ स्थापित करते हैं. चौकी को फूलों, चुनरी और दीपक से सजाकर मां का दरबार तैयार किया जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक और पूजा-पाठ का माहौल बनता है और परिवार के लोग साथ मिलकर माता की आराधना करते हैं.

किस दिशा में रखें माता की चौकी?

घर में माता की चौकी सजाते समय सिर्फ सजावट ही नहीं, उसकी दिशा का भी ध्यान रखा जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना गया है. चौकी रखने की जगह पहले अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा को श्रद्धा के साथ स्थापित करें.

चौकी में क्या-क्या रखें?

माता की चौकी सजाने की बारी आती है तो सबसे पहले मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति को चौकी पर स्थापित किया जाता है. इसके बाद चौकी को लाल या पीली चुनरी से सजाकर कलश और नारियल रखा जाता है. पूजा के लिए मौली, अक्षत, रोली और फूल भी पास में रखे जाते हैं. फिर मां के सामने दीपक जलाया जाता है. अगर घर में अखंड ज्योत रख रहे हैं, तो उसके लिए चौकी के पास ऐसी सुरक्षित जगह जरूर बनाएं, जहां वह लगातार जलती रहे और कोई अनहोनी न हो. इसके साथ धूप, कपूर, प्रसाद और फल भी पूजा की थाली में रखे जा सकते हैं.

माता की चौकी कब हटाएं?

नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद माता की चौकी समेटने का समय आता है. इसे लेकर हर घर में अपनी अलग परंपरा हो सकती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार आमतौर पर दशमी तिथि पर पूजा और आरती करने के बाद माता की चौकी हटाई जाती है. वहीं, कुछ परिवार नवमी के दिन कन्या पूजन के बाद ही चौकी समेट लेते हैं. ऐसे में चौकी हटाते समय अपने घर में चली आ रही परंपरा और रीति-रिवाज का पालन करना उचित माना जाता है.


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