BJP के स्टार प्रचारक से अब सरकार के Cultural Advisor तक पहुंचे मिथुन चक्रवर्ती, कैबिनेट रैंक के साथ मिली नई भूमिका
मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार ने सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया है. उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. दिग्गज अभिनेता की यह नई भूमिका बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की सरकार की कोशिशों के बीच आई है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति और सिनेमा से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. दिग्गज अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार ने सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया है. खास बात यह है कि उन्हें इस पद के साथ कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. सरकारी अधिसूचना के मुताबिक नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी.
मिथुन चक्रवर्ती की यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार बंगाल की फिल्म और सांस्कृतिक विरासत को लेकर कई योजनाओं पर जोर दे रही है. हालांकि, मिथुन को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया है, बल्कि उन्हें सलाहकार की जिम्मेदारी दी गई है और पद को कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया गया है. उनकी सलाहकार भूमिका का सटीक दायरा आगे स्पष्ट किया जाएगा.
उत्तर कुमार की जन्म शताब्दी से शुरू हुई नई भूमिका
मिथुन चक्रवर्ती को सांस्कृतिक सलाहकार बनाए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सितंबर में महान बंगाली अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी से जुड़े कार्यक्रम के दौरान की थी. उसी दौरान न्यू टाउन में उत्तम कुमार फिल्म सेंटर की आधारशिला भी रखी गई थी. सरकार का फोकस बंगाल की फिल्मी विरासत को आगे बढ़ाने और राज्य को एक बड़े फिल्म एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में मजबूत करने पर है. उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के लिए सरकार ने पहले ही एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी, जिसमें मिथुन चक्रवर्ती को सह-संरक्षक की भूमिका दी गई थी.
फिल्म इंडस्ट्री को सरकार से क्या उम्मीद?
- मिथुन चक्रवर्ती का फिल्मी करियर पांच दशक से ज्यादा लंबा रहा है. बंगाली और हिंदी सिनेमा में उनकी पहचान एक बड़े स्टार के तौर पर रही है. ऐसे में सरकार के सांस्कृतिक ढांचे में उनकी औपचारिक एंट्री को फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी नीतियों में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
- मिथुन पहले भी बंगाल के फिल्म उद्योग से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं. उत्तम कुमार फिल्म सेंटर के शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री को मजबूत करने और उसे उसके पुराने गौरव तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया था.
- सरकार की ओर से फिल्म निर्माण से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और नए सांस्कृतिक ढांचे को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है. उत्तम कुमार फिल्म सेंटर इसी दिशा में उठाया गया एक प्रमुख कदम है.
बीजेपी के लिए मिथुन की राजनीतिक भूमिका भी अहम
- मिथुन चक्रवर्ती सिर्फ फिल्म स्टार नहीं हैं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में भी शामिल रहे हैं. उन्होंने 2021 में बीजेपी का दामन थामा था और पार्टी के लिए कई चुनावी अभियानों में प्रचार किया.
- 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी मिथुन ने बीजेपी के लिए व्यापक प्रचार किया.
- चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने और राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी.
- अब चुनावी मंच के प्रमुख चेहरे से सरकारी सलाहकार की भूमिका तक मिथुन का सफर पूरा हुआ है. इससे उन्हें राज्य की सांस्कृतिक नीति और फिल्म से जुड़े विषयों पर सरकार के भीतर औपचारिक भूमिका मिली है.
शुभेंदु अधिकारी के पास है अहम विभागों का जिम्मा
पश्चिम बंगाल सरकार में सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों का विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास है। जून 2026 में जारी पोर्टफोलियो आवंटन के मुताबिक मुख्यमंत्री के पास गृह एवं हिल अफेयर्स, भूमि एवं भूमि सुधार, पावर, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार समेत कई महत्वपूर्ण विभाग हैं. यानी मिथुन की नई भूमिका सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आने वाले एक महत्वपूर्ण विभाग से जुड़ी है. हालांकि वह सरकार के मंत्री नहीं हैं, लेकिन कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने से इस नियुक्ति का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व बढ़ गया है.
मिथुन के लिए यह सिर्फ राजनीतिक पद नहीं
मिथुन चक्रवर्ती के लिए यह जिम्मेदारी उनके लंबे फिल्मी अनुभव को सरकारी सांस्कृतिक नीति से जोड़ने का अवसर भी है. बंगाली सिनेमा से उनके पुराने रिश्ते और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनकी पहचान सरकार के लिए सांस्कृतिक क्षेत्र में एक बड़ा चेहरा उपलब्ध कराती है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी सार्वजनिक रूप से मिथुन को बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण चेहरा बता चुके हैं. ऐसे में उनकी नियुक्ति को बीजेपी सरकार के उस प्रयास से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें वह प्रशासन के साथ-साथ बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और फिल्म विरासत को भी अपनी शासन-व्यवस्था का प्रमुख हिस्सा बनाना चाहती है.
अब देखना होगा कि सांस्कृतिक सलाहकार के तौर पर मिथुन चक्रवर्ती को सरकार की ओर से कौन-कौन से काम सौंपे जाते हैं और बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री के लिए उनकी भूमिका कितनी प्रभावी साबित होती है.




