Begin typing your search...

पति खोया, बच्चों की जिम्मेदारी उठाई, अब होम गार्ड बनने के लिए साड़ी में दौड़ी झारखंड की कविता, वीडियो वायरल

झारखंड की 27 वर्षीय कविता कुमारी की कहानी इन दिनों लोगों को प्रेरित कर रही है.पति की मौत के बाद दो बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहीं कविता होम गार्ड की नौकरी पाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं. रामगढ़ में ट्रायल के दौरान उन्होंने साड़ी और चप्पल में पहुंचकर नंगे पैर 1,600 मीटर की दौड़ लगाई. उनका वीडियो वायरल हो रहा है.

पति खोया, बच्चों की जिम्मेदारी उठाई, अब होम गार्ड बनने के लिए साड़ी में दौड़ी झारखंड की कविता, वीडियो वायरल
X

झारखंड के रामगढ़ जिले के सोसो गांव की रहने वाली 27 वर्षीय कविता कुमारी की कहानी इन दिनों चर्चा में है. पति को खोने के बाद दो बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहीं कविता अपने परिवार का भविष्य संवारने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं. आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. झारखंड होम गार्ड भर्ती की तैयारी कर रहीं कविता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह साड़ी पहनकर नंगे पैर 1,600 मीटर की दौड़ लगाती नजर आईं. उनकी इस कोशिश ने लोगों का ध्यान खींचा. हालांकि, यह भर्ती की अंतिम परीक्षा नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की तैयारी के लिए आयोजित ट्रायल था.

कविता के लिए जिंदगी आसान नहीं रही है. साल 2023 में लंबी बीमारी के बाद उनके पति दीपक कुमार महतो का निधन हो गया. इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी कविता के कंधों पर आ गई. उनके दो बच्चे हैं, जिनकी परवरिश और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा.

पति के इलाज के दौरान परिवार पर करीब 6 लाख रुपये का कर्ज हो गया था. ऐसे में बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ इस कर्ज को चुकाना भी कविता के लिए बड़ी चुनौती बन गया. परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्होंने ईंट भट्ठे पर मजदूरी की. इसके अलावा, उन्होंने रामगढ़ में निजी सुरक्षा गार्ड के तौर पर भी काम किया.

हालांकि, रात में ड्यूटी करने के कारण उनके लिए गांव लौटना मुश्किल हो जाता था. इस वजह से उन्हें यह नौकरी भी छोड़नी पड़ी. इसके बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा. कविता के सामने एक स्थायी आमदनी का इंतजाम करने की चुनौती थी. इसी बीच उन्हें झारखंड होम गार्ड भर्ती के बारे में पता चला और उन्होंने इसमें अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया.

न कोच, न महंगे जूते, YouTube से सीखी दौड़ने की तकनीक

कविता के पास न तो किसी प्रोफेश्नल कोच से ट्रेनिंग लेने के पैसे थे और न ही खेल से जुड़ी जरूरी चीजें खरीदने के लिए पर्याप्त साधन. लेकिन उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को तैयारी के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया. उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब की मदद से फिजिकल एग्जाम की तैयारी शुरू की.

कविता दौड़ने और दूसरे शारीरिक अभ्यासों की तकनीक समझने के लिए यूट्यूब वीडियो देखती थीं. फोन चलाने में परेशानी होने पर वह कभी-कभी अपने बच्चों की मदद भी लेती थीं. वह सुबह जल्दी उठकर गांव के आसपास दौड़ने का अभ्यास करती थीं, ताकि भर्ती की परीक्षा के लिए खुद को तैयार कर सकें.

इस दौरान उन्हें रामगढ़ में तैनात होम गार्ड अजय करमाली के बारे में पता चला. अजय दुलमी में एचएमटी फिजिकल एकेडमी चलाते हैं, जहां ग्रामीण युवाओं को मुफ्त में शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है. कविता ने सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट देखे और उनसे संपर्क किया. इसके बाद उन्हें अभ्यास के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिलने का मौका मिला.

रामगढ़ में साल 2026 की होम गार्ड भर्ती के तहत 284 पदों के लिए 16 हजार से ज्यादा आवेदन मिलने की खबर है. भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को दौड़ के अलावा लंबी कूद, ऊंची कूद और शॉट पुट जैसे फिजिकल ट्रेनिंग से गुजरना होगा. इसके बाद लिखित परीक्षा भी होनी है. ऐसे में कविता के लिए इस भर्ती में जगह बनाना आसान नहीं है, लेकिन वह पूरी मेहनत से तैयारी में जुटी हैं.

साड़ी और चप्पल में पहुंचीं स्टेडियम, 10 मिनट के भीतर पूरी की दौड़

4 अक्टूबर को कविता रामगढ़ के सिद्धू-कान्हू स्टेडियम में आयोजित एक निःशुल्क ट्रायल में शामिल होने पहुंचीं. इसका मकसद उम्मीदवारों को भर्ती की शारीरिक परीक्षा से पहले मैदान और उसकी परिस्थितियों से परिचित कराना था. वहां दूसरे उम्मीदवार ट्रैकसूट और स्पोर्ट्स शूज पहनकर पहुंचे थे, जबकि कविता साड़ी और चप्पल में थीं.

जब दौड़ने की बारी आई, तो कविता ने अपनी चप्पलें उतारीं और नंगे पैर दौड़ना शुरू कर दिया. उन्होंने महिलाओं के लिए निर्धारित 10 मिनट की समय सीमा के भीतर 1,600 मीटर की दूरी पूरी कर ली और इस ट्रायल में पूरे अंक हासिल किए. उनकी दौड़ का वीडियो सामने आने के बाद लोग उनकी मेहनत और हौसले की चर्चा करने लगे.

कविता की कहानी सामने आने के बाद उन्हें गांव के बाहर से भी मदद और प्रोत्साहन मिलने लगा. दुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने उन्हें ट्रैकसूट और रनिंग शूज भेजे. इसके बाद कविता उचित कपड़ों और जूतों के साथ अभ्यास कर सकीं.

झारखंड होम गार्ड भर्ती में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित होने और विधवाओं के लिए अलग से 5 प्रतिशत प्रावधान की जानकारी भी सामने आई है. कविता के लिए यह भर्ती सिर्फ नौकरी पाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने की उम्मीद भी है. उनके सामने अभी चयन की चुनौती बाकी है, लेकिन उनकी मेहनत यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की जा सकती है.

अगला लेख