Begin typing your search...

Moradabad Honour Killing: बहन से प्यारी झूठी शान! फावड़े से मारकर ली जान और मंदिर के पीछे दफना दिए गए काजल-अरमान

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में काजल और उसके प्रेमी अरमान की कथित तौर पर युवती के भाइयों ने हत्या कर दी. आरोप है कि दोनों को फावड़े से मारकर मौत के घाट उतारा गया और शवों को गांव के मंदिर के पीछे खेत में दफना दिया गया. पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई कर दोनों शव बरामद किए.

Moradabad Honour Killing: बहन से प्यारी झूठी शान! फावड़े से मारकर ली जान और मंदिर के पीछे दफना दिए गए काजल-अरमान
X
( Image Source:  Sora ai )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Updated on: 22 Jan 2026 12:44 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आया यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की उस मानसिकता का आईना है, जहां आज भी रिश्तों पर 'इज़्ज़त' का फंदा कस दिया जाता है. गांव के मंदिर के पीछे खेत में दफन दो शवों की बरामदगी ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. एक तरफ परिवार का आक्रोश, दूसरी तरफ पुलिस की जांच और बीच में सवाल- क्या दो बालिगों का प्यार मौत की सज़ा है?

यह घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव की है, जहां एक युवती और उसके प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, यह ऑनर किलिंग का मामला है और शक की सुई सीधे युवती के भाइयों पर टिक गई.

बहन और प्रेमी की मौत

मृतकों की पहचान काजल और अरमान के रूप में हुई है. काजल एक छात्रा होने के साथ-साथ एक निजी स्कूल में पढ़ाती भी थी, जबकि अरमान उसी गांव का रहने वाला युवक था. दोनों पिछले करीब दो साल से रिश्ते में थे. 18 जनवरी की रात अरमान काजल से मिलने उसके घर पहुंचा. आरोप है कि परिजनों ने दोनों को साथ देख लिया, जिसके बाद गुस्से में उन्हें बंधक बना लिया गया. इसी दौरान काजल के भाइयों ने दोनों की हत्या कर दी और सबूत मिटाने की साजिश रच दी.

मंदिर के पीछे दफनाई गई सच्चाई

हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को गांव से बाहर ले जाकर गगन नदी के किनारे, नीम करौली बाबा मंदिर के पीछे खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया. तीन दिनों तक यह राज जमीन के नीचे दबा रहा. बुधवार रात मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने खुदाई करवाई. कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शव बरामद किए गए और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

पुलिस की देरी पर सवाल

अरमान के परिवार का आरोप है कि वह पिछले तीन दिनों से थाने के चक्कर काट रहे थे. उन्होंने आशंका जताई थी कि कुछ अनहोनी हो सकती है, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई. परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद सबूत मिटाने का मौका नहीं मिलता. इस देरी ने आरोपियों को तीन दिन का वक्त दे दिया, जिससे मामला और पेचीदा हो गया.

पुलिस की कार्रवाई

एसएसपी सतपाल अंतिल के अनुसार, शुरुआती जांच में शक काजल के भाइयों पर गया. दो भाइयों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपराध कबूल कर लिया. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की निशानदेही पर ही दोनों शव बरामद हुए. तीसरे आरोपी भाई की तलाश जारी है. मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

गांव में तनाव, अतिरिक्त बल तैनात

शवों की बरामदगी की खबर फैलते ही गांव में दोनों समुदायों के लोग मौके पर जुट गए. हालात को देखते हुए सिविल लाइंस सर्किल ऑफिसर ने पीएसी समेत अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया. गांव प्रधान बाबलू सैनी ने बताया कि रिश्ते की अवधि को लेकर पहले कोई खुली जानकारी नहीं थी. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की हत्या की गई है.

ऑनर किलिंग का कड़वा सच

यह मामला एक बार फिर ऑनर किलिंग की कड़वी सच्चाई सामने लाता है. कानून भले ही सख्त हो, लेकिन सामाजिक सोच आज भी कई जगहों पर रिश्तों को अपराध मान लेती है. बालिग युवक-युवती के फैसले को परिवार की 'इज़्ज़त' पर हमला समझना, अंततः हिंसा की ओर ले जाता है. सवाल यह है कि समाज इस सोच से कब बाहर निकलेगा?

न्याय की उम्मीद

अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हैं. क्या पुलिस की देरी की भी जांच होगी? क्या पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिलेगा? मुरादाबाद की यह घटना सिर्फ दो मौतों की कहानी नहीं, बल्कि उस सिस्टम और सोच पर सवाल है, जो आज भी प्यार को गुनाह बना देती है.

crimeUP NEWS
अगला लेख