हमारे-बच्चे, हमारे बच्चे... लखनऊ के कोचिंग सेंटर में कैसे लगी इतनी भीषण आग? डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने रोते-रोते बताई पूरी घटना
लखनऊ के अलीगंज इलाके में गेमिंग जोन वाली इमारत में लगी भीषण आग में कई लोगों की मौत हो गई. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि उन्होंने खुद अपनी आंख से 14 शव देखे हैं.
Lucknow Aliganj Fire Tragedy
Lucknow Aliganj Fire Tragedy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को दहला दिया. पुरनिया इलाके में स्थित एक इमारत में लगी आग में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी मौके की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि मृतकों की उम्र करीब 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है. वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
ब्रजेश पाठक ने बताया कि अभी कुल तेरह बच्चों को बाहर निकाला गया है. उन सभी को अस्पताल भेज दिया गया है. यह एक बड़ी घटना है. अंदर धुआं भरा हुआ है. हर चीज़ को हटाकर और चेक किया जा रहा है. हर कमरे की तलाशी ली जा रही है.
एनिमेशन सेंटर में लगी आग: डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम ने बताया कि अंदर लकड़ी का बहुत सारा फर्नीचर था. उस फर्नीचर से निकले धुएं के कारण कुछ भी साफ़ दिखाई नहीं दे रहा है. फायर ब्रिगेड के लोग अंदर हैं. NDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं. आग अचानक लगी. उन्होंने बताया कि यह एक एनिमेशन सेंटर था. बच्चे यहां एनिमेशन, यानी कार्टून बनाना, सीखने आते थे. मुझे अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि घटना असल में कैसे शुरू हुई.
घायलों को कहां भर्ती कराया गया?
ब्रजेश पाठक ने बताया कि घायलों को KGMC ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है. उनकी उम्र लगभग 16-17 साल थी... घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. प्रमुख सचिव (गृह) और DGP को मौके पर बुलाया गया है और उन्हें कारणों की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे..."
पुलिस और प्रशासन ने क्या बताया?
- लखनऊ पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है.
- फिलहाल आग लगने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित लापरवाही की जांच की जा रही है.
- बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई.
- शुरुआत में इसे कोचिंग सेंटर या लाइब्रेरी से जुड़ी घटना बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि इमारत में ऐसा कोई संस्थान नहीं चल रहा था. यहां ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और ऊपर की मंजिल पर गेमिंग जोन संचालित था.
- घटना के समय गेमिंग जोन में मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. आग से बचने के लिए कुछ लोग इमारत के छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए.
- एक व्यक्ति ने जान बचाने के लिए बिल्डिंग से छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
- सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. फायर कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अब दोबारा आग भड़कने की आशंका को देखते हुए कूलिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और घटना की पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.




