Kushinagar Controversy: 'बिस्तर गर्म नहीं किया, इसलिए पद नहीं मिला', BJP नेत्री पूनम जायसवाल के आरोपों से मचा बवाल- VIDEO
कुशीनगर BJP की पूर्व महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी पूनम जायसवाल ने जिला संगठन पर पद नहीं देने और पैसे व अनुचित दबाव के गंभीर आरोप लगाए. वीडियो वायरल.
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बीजेपी संगठन के भीतर असंतोष अब खुलकर सामने आता दिख रहा है. पार्टी की महिला कार्यकर्ता पूनम जायसवाल का एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है. इसमें वह जिला संगठन के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नजर आ रही हैं. पूनम का कहना है कि उन्होंने दिन-रात मेहनत की, अपने पैसे खर्च किए और शारीरिक परेशानी के बावजूद पार्टी के लिए काम किया, लेकिन उन्हें संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई.
पूनम ने अपने बयान में बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि संगठन में पद देने के लिए मेहनत और काम के बजाय पैसे और दूसरे दबावों को महत्व दिया जा रहा है. उन्होंने यहां तक दावा किया कि बड़े नेताओं के साथ अनुचित संबंध नहीं बनाने की वजह से उन्हें पद से वंचित रखा गया. हालांकि, ये सभी आरोप पूनम जायसवाल के अपने दावे हैं. इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
'बड़े नेताओं का बिस्तर गर्म नहीं किया, इसलिए पद नहीं मिला'
पूनम जायसवाल ने अपने वीडियो और पोस्ट में कहा कि उन्होंने राजनीति में मेहनत, संघर्ष और सम्मान के आधार पर अपनी जगह बनाने की कोशिश की. उनके मुताबिक, उन्होंने संगठन के लिए लगातार काम किया, लेकिन जब पद और जिम्मेदारी देने की बारी आई तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि कुशीनगर में संगठन के भीतर पद बांटने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उनका दावा है कि जो कार्यकर्ता लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें बाहर किया जा रहा है, जबकि ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है जो पहले संगठन में सक्रिय नहीं थे.
पूनम ने यह भी कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं कि वह पद हासिल करने के लिए किसी को पैसे दे सकें. उन्होंने अपने बयान में आरोप लगाया कि पद पाने के लिए पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल हो रहा है.
'मैंने महिला मोर्चा में पद लेने से मना किया था, फिर भी जिम्मेदारी क्यों नहीं मिली?'
पूनम जायसवाल ने जिला संगठन से सवाल किया कि जब उन्होंने महिला मोर्चा में पद लेने से मना कर दिया था, तो क्या संगठन में उनके लिए कोई दूसरी जिम्मेदारी नहीं थी? उनका कहना है कि पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने संगठन में मेहनत की, उन्हें किनारे किया जा रहा है और नए लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. पूनम ने इसे अपने साथ हुई उपेक्षा बताते हुए जिला संगठन से जवाब मांगा है.
'लखनऊ में करूंगी बात, इसका परिणाम भारी होगा'
अपने बयान में पूनम जायसवाल ने जिला संगठन के पदाधिकारियों को सीधे चुनौती भी दी. उन्होंने कहा कि वह इस मामले को केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखेंगी.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संगठन में उन्हें जिम्मेदारी नहीं देने का परिणाम भारी हो सकता है. पूनम ने यह भी कहा कि वह पहले पार्टी की पक्की समर्थक थीं, लेकिन स्थानीय संगठन के रवैये ने उन्हें बगावत करने पर मजबूर कर दिया.
'मोदी-योगी से शिकायत नहीं, कुशीनगर संगठन पर सवाल'
पूनम जायसवाल ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे तौर पर निशाने पर नहीं लिया. उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी पूरी पार्टी से नहीं, बल्कि कुशीनगर के जिला संगठन में चल रही गतिविधियों से है. उन्होंने स्थानीय संगठन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में पद और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर मनमानी हो रही है. पूनम का दावा है कि कुशीनगर में उनके काम को जानने वाले कई लोग हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संगठन में जगह नहीं दी गई.
पहले भी कुशीनगर BJP महिला मोर्चा में सामने आ चुकी है नाराजगी
कुशीनगर बीजेपी महिला मोर्चा में इससे पहले भी संगठनात्मक उपेक्षा को लेकर असंतोष सामने आया था. सितंबर 2026 में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा पांडेय ने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने के बावजूद उन्हें मुख्य संगठन में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं मिली.




