एलओसी से लेकर एलएसी तक, बीजिंग से लेकर इस्लामाबाद के हुक्मरानों तक सबकी रातों की नींद उड़ चुकी है. वजह कोई मामूली सरहद का विवाद नहीं बल्कि भारत और इजराइल के बीच हो रही वो 8000 करोड़ की महा डील है जो दक्षिण एशिया का पूरा भूगोल और युद्ध का समीकरण हमेशा के लिए बदल कर रख देगी. जब छह उड़ते हुए ब्रह्मांडीय टैंक भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होंगे, तो दुश्मन की हर चाल हवा में ही धुआं बन जाएगी. यह सिर्फ एक रक्षा सौदा नहीं है. यह दुश्मन के खात्मे का नया फरमान है.