ग्रेटर नोएडा PNB घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, जानें बैंक की महिला कर्मचारी समेत किस-किस को किया गिरफ्तार?
ग्रेटर नोएडा PNB घोटाले में सीबीआई ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें बैंक की ऑफिस असिस्टेंट/सब स्टाफ दीपांशी और एक निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक शामिल है.
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाताधारकों की करोड़ों रुपये की रकम कथित तौर पर गायब होने के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने इस मामले में 2 को गिरफ्तार किया है. दरअसल पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 10.24 करोड़ रुपये की कथित स्कैम सामने आया था, किसी के खाते से करोड़ तो किसी के खाते से लाखों रुपये गायब हो गए थे.
जो अभी तक वापस नहीं आए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित लोगों की शिकायत पर सीबीआई को जांच सौंपी गई थी. दरअसल बैंक कर्मचारियों ने कई खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी.
किस-किस को किया गिरफ्तार?
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 10.24 करोड़ रुपये की कथित स्कैम के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने मंगलवार को बैंक की ऑफिस असिस्टेंट/सब स्टाफ दीपांशी और एक निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया है. दोनों पर बैंक के ग्राहकों के खातों से अनधिकृत तरीके से रकम निकालने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के मामले में मिलीभगत का आरोप है.
सीबीआई के मुताबिक, इस मामले में 29 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी. बैंक की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पीएनबी की पाई-1 शाखा में ग्राहकों के विभिन्न खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी की गई. इस रकम को बैंक की कर्मचारी ने एक निजी व्यक्ति और अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर निकाल लिया.
क्या अभी भी सीबीआई की जांच जारी?
शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान अब बैंक की कर्मचारी दीपांशी और निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई ने निजी व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद उसे पुणे (महाराष्ट्र) की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उसका ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया है.
सीबीआई के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है. एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई 10.24 करोड़ रुपये की रकम कहां ट्रांसफर की गई और इस कथित धोखाधड़ी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं.




