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Greater Noida: खुले नाले में गिरी कार, बाल-बाल बची चालक की जान; युवराज मेहता की मौत से क्या प्रशासन ने नहीं लिया कोई सबक?

ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव के पास शनिवार रात को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक कार सड़क किनारे बने खुले नाले में जा अटकी. राहत की बात यह रही कि कार चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई.

Greater Noida: खुले नाले में गिरी कार, बाल-बाल बची चालक की जान; युवराज मेहता की मौत से क्या प्रशासन ने नहीं लिया कोई सबक?
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ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव के पास शनिवार रात को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक कार सड़क किनारे बने खुले नाले में जा अटकी. राहत की बात यह रही कि कार चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में सड़क किनारे खुले नाले और गहरे गड्ढे लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं. उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया गया है. नालों के आसपास न तो सुरक्षा रेलिंग लगाई गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को खतरा बना रहता है.

क्या हो सकता था बड़ा हादसा?

चश्मदीदों ने बताया कि यदि कार की रफ्तार अधिक होती या समय पर लोगों की मदद नहीं मिलती, तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और स्थानीय निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की.

किन दावों पर खड़े हुए सवाल?

युवराज मेहता हादसे के बाद सुरक्षा और खुले नालों को लेकर कई दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी नहीं बदले हैं. तुस्याना में हुई यह घटना उन दावों पर सवाल खड़े करती है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले नाले और गड्ढे और अधिक खतरनाक हो जाते हैं, क्योंकि पानी भर जाने से उनका पता नहीं चल पाता. ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.

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