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एक तरफ डिफेंडर, दूसरी तरफ पोर्शे; 'ये देश योगियों का है' कहने वाले सतुआ बाबा कौन? CM अगल-बगल चलते हैं!

एक तरफ लग्ज़री SUV डिफेंडर, दूसरी ओर करोड़ों की पोर्शे और बीच में भगवा वस्त्रों में चलने वाला एक बाबा—सोशल मीडिया पर यह तस्वीरें तेजी से वायरल हैं. ‘ये देश योगियों का है’ जैसे बयान देकर सुर्खियों में आए सतुआ बाबा अचानक चर्चा के केंद्र में हैं. सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन हैं सतुआ बाबा, जिनके साथ मुख्यमंत्री तक अगल-बगल चलते नजर आते हैं और जिनकी मौजूदगी सियासत से लेकर साधु-संतों की दुनिया तक हलचल मचा रही है.

एक तरफ डिफेंडर, दूसरी तरफ पोर्शे; ये देश योगियों का है कहने वाले सतुआ बाबा कौन? CM अगल-बगल चलते हैं!
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( Image Source:  @SachinGuptaUP- X )
सागर द्विवेदी
Edited By: सागर द्विवेदी

Updated on: 14 Jan 2026 11:02 PM IST

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले की रेत इस बार सिर्फ साधना, भजन और कल्पवास की वजह से नहीं गूंज रही, बल्कि करोड़ों की लग्ज़री गाड़ियों के शोर से भी चर्चा में है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एक नाम ऐसा है जिसने साधु-संतों की पारंपरिक छवि को झकझोर दिया है. संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा. डिफेंडर के बाद अब उनके काफिले में करीब 3 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की Porsche कार जुड़ चुकी है. जैसे ही यह लग्ज़री कार सेक्टर के शिविर में पहुंची, पूरा मेला ठिठक गया.

माघ मेले के सेक्टर-वार शिविरों में जहां तप, त्याग और वैराग्य की बात होती है, वहीं सतुआ बाबा का अंदाज़ बिल्कुल अलग नजर आ रहा है. कभी ऊंट पर सवार, कभी ठेले पर बैठकर दर्शन देते हुए और कभी चार्टर्ड प्लेन में लेटे हुए- अब Porsche के साथ बाबा ने चर्चा को नए लेवल पर पहुंचा दिया है.

माघ मेले में Porsche का पूजन, जयकारों से गूंजा शिविर

बुधवार को सतुआ बाबा के शिविर में Porsche कार का विधि-विधान से पूजन किया गया. पूजा के दौरान अन्य साधु-संत मौजूद रहे और ‘जय सनातन’ के नारे लगे. इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं.

एक तरफ डिफेंडर, दूसरी तरफ Porsche

सतुआ बाबा के काफिले में पहले से ही लैंड रोवर डिफेंडर शामिल थी. अब Porsche की एंट्री ने उनके रुतबे को और हाई-प्रोफाइल बना दिया है. श्रद्धालु रुक-रुककर गाड़ियों के साथ फोटो ले रहे हैं और यही सवाल कर रहे हैं-'क्या यही है आधुनिक सनातन?'

कभी ऊंट, कभी चार्टर्ड प्लेन… अब Porsche

बीते दिनों सतुआ बाबा का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह ऊंट पर सवार दिखे. इसके बाद चार्टर्ड प्लेन में लेटे हुए उनका वीडियो सामने आया. विवाद बढ़ा तो उन्होंने खुद वीडियो जारी कर कहा कि 'संसाधन भोगियों के नहीं, योगियों के होते हैं.' अब Porsche के साथ उनका नया अवतार सामने है.

माघ मेले का सबसे बड़ा शिविर

बताया जा रहा है कि प्रयागराज माघ मेले में सतुआ बाबा का शिविर सबसे बड़े और प्रभावशाली शिविरों में गिना जाता है. महाकुंभ 2025 के दौरान तो हालात ऐसे थे कि उनके आश्रम में पूरी सरकार पहुंची थी. चर्चाएं यहां तक हैं कि डीएम साहब तक उनके चूल्हे पर रोटी सेकते नजर आए.

CM योगी के करीबी माने जाते हैं सतुआ बाबा

सतुआ बाबा को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है. कई धार्मिक आयोजनों में वे सीएम योगी के साथ मंच साझा कर चुके हैं. खुद योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से उनकी तारीफ कर चुके हैं और समाज को एकजुट करने वाला संत बता चुके हैं.

'ये देश योगियों का है'- सतुआ बाबा

लग्ज़री गाड़ियों पर उठ रहे सवालों पर सतुआ बाबा साफ कहते हैं कि 'ये देश योगियों का है. आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल आध्यात्म के खिलाफ नहीं है.' उनका कहना है कि Porsche दिल्ली से मंगवाई गई है और इसका पूजन संत परंपरा के अनुसार किया गया.

कौन हैं सतुआ बाबा?

सतुआ बाबा का असली नाम संतोष तिवारी है. वे उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के रहने वाले हैं. महज 11 साल की उम्र में उन्होंने घर-परिवार छोड़कर आध्यात्म का रास्ता चुन लिया था. वे वाराणसी के प्रसिद्ध विष्णु स्वामी संप्रदाय से जुड़े हैं. साल 2012 में पीठाधीश्वर की मृत्यु के बाद वे इस पीठ के 57वें आचार्य बने. महाकुंभ 2025 में उन्हें जगद्गुरु की उपाधि भी दी गई.

‘सतुआ बाबा’ नाम कैसे पड़ा?

इस पीठ की परंपरा गरीबों और असहायों को सत्तू खिलाने और दान देने से जुड़ी रही है. इसी वजह से स्थानीय लोगों ने इस गद्दी के प्रमुख को ‘सतुआ बाबा’ कहना शुरू किया और यही नाम उनकी पहचान बन गया.

लग्ज़री बनाम त्याग की बहस

संतों की छवि आमतौर पर सादगी, त्याग और वैराग्य की मानी जाती है. ऐसे में Porsche और Defender जैसी गाड़ियों की मौजूदगी ने बहस छेड़ दी है. हालांकि अनुयायियों का कहना है कि शिविर में नियमित रूप से भजन-कीर्तन, साधना और सेवा कार्य हो रहे हैं. तपस्वीनगर के महामंडलेश्वर गोपाल दास जी महाराज के मुताबिक, सतुआ बाबा रोजाना चार से पांच घंटे साधना करते हैं.

क्या बोले बाबा विवाद पर?

एनडीटीवी को दिए बयान में सतुआ बाबा ने कहा कि 'मुझे गाड़ियों का नाम और कीमत नहीं पता. मेरा काम सनातन को आगे बढ़ाना है. जो भूखे को भोजन नहीं दे पाए, वही आज सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी के दौर में सनातन की रफ्तार और तेज हुई है.

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