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UP में मचा घमासान! UGC-शंकराचार्य विवाद पर बरेली सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सोशल पर भड़के यूजर्स

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर सोशल और राजनीतिक हलकों में सनसनी मचा दी है. उन्होंने अपने कार्यालय बोर्ड पर खुद रिजाइन लिखकर पांच पेज का विस्तृत पत्र छोड़ा.

Bareilly Magistrate Alankar Agnihotri Resignation
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Alankar Agnihotri Resignation

( Image Source:  X/ @SachinGuptaUP )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 26 Jan 2026 3:11 PM

उत्तर प्रदेश में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर सोशल और राजनीतिक हलकों में सनसनी मचा दी है. उन्होंने अपने कार्यालय बोर्ड पर खुद रिजाइन लिखकर पांच पेज का विस्तृत पत्र छोड़ा, जिसमें उन्होंने सरकार और हालिया घटनाओं पर तीखी आपत्तियां जताई हैं. उनका इस्तीफा प्रशासनिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर गहन असंतोष का प्रतीक बन गया है.

अग्निहोत्री के इस्तीफे की मुख्य वजह प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों पर हुई पिटाई और केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए UGC कानून के खिलाफ उनकी आपत्तियां हैं. उनके बयान ने प्रशासनिक महकमे में भी चर्चा का दौर शुरू कर दिया है.

अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा

अलंकाअग्निहोत्री ने अपने पत्र में लिखा है, “उप्र सरकार ब्राह्मण विरोधी विचारधारा से काम कर रही है। प्रयागराज में शंकराचार्य प्रकरण एक साधारण ब्राह्मण की आत्मा को कंपा देता है.” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “UGC केंद्र सरकार द्वारा हिन्दू समाज को बांटकर उन पर शासन करने की अवधारणा से लागू करना प्रतीत होता है.” इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि ये उनकी व्यक्तिगत आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी के आधार पर उठाए गए कदम हैं.

प्रयागराज माघ मेले में पिटाई का असर

अग्निहोत्री विशेष रूप से उस घटना से आहत थे, जब माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों पर पिटाई हुई. उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत अपमान, बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से संवेदनशील मामला बताया.

नए UGC कानून को लेकर नाखुश

सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के नए UGC कानून को भी लेकर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि इस कानून के माध्यम से हिंदू समाज को विभाजित करने और उस पर शासन करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसे लोकतंत्र और सामाजिक एकता के लिए हानिकारक बताया.

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

उनके इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी बवाल मचता हुआ दिखाई दे रहा है. यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि 'बुराई का हर तरीके से विरोध होना चाहिए. गलत को अगर गलत नहीं कहा जाएगा तो प्रदेश तरक्की नहीं कर पाएगा.' दूसरे यूजर ने लिखा कि 'बरेली सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा करण शंकराचार्य जी के शिष्यों पर हुए अत्याचार छोटी पड़ कर घसीटते हुए ले गए थे लोग यह उनको रास नहीं आया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया.'

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