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चलती ट्रेन में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला: नाक काटने की कोशिश का दावा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद के बीच बवाल

आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि रीवा एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक अज्ञात हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया. उन्होंने हमले के पीछे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों पर शक जताया है, जबकि शंकराचार्य ने आरोपों को खारिज किया है.

Attack on Ashutosh Brahmachari Avimukteshwarananda controversy
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( Image Source:  @Shubhamshuklamp )

धार्मिक विवाद और आरोपों के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर 8 मार्च को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ. इसका दावा खुद आशुतोष ब्रह्मचारी ने किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत और कानूनी कार्रवाई के कारण उन्हें निशाना बनाया गया. घटना के बाद GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

चलती ट्रेन में हमला कब और कहां हुआ?

आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वह रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज की यात्रा कर रहे थे. वह ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में सवार थे. उनका कहना है कि सुबह करीब 5 बजे सिराथु रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया.

हमले में क्या हुआ, कैसे बची जान?

आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि हमलावर ने उनके चेहरे और हाथ पर कई वार किए और उनकी नाक काटने की कोशिश भी की. हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा. उन्होंने बताया कि किसी तरह हमलावर से बचकर वह ट्रेन के टॉयलेट तक पहुंचे और अंदर से खुद को बंद कर लिया. वहीं से उन्होंने रेलवे पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद क्या है?

दरअसल, यह मामला उस विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदके खिलाफ कथित रूप से बटुकों के यौन उत्पीड़न को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी. यह शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से कराए जाने की बात कही जाती है. इसी विवाद के बाद से दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.

हमले को लेकर आशुतोष ब्रह्मचारी ने क्या आरोप लगाए?

आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि उन पर हमला इसलिए कराया गया ताकि वह अदालत में सबूत पेश न कर सकें. उनका कहना है कि यदि अदालत में सबूत पेश हो गए तो आरोपियों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ शिष्यों की भूमिका होने का संदेह जताया है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कहा?

इस मामले में Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि यह पूरा मामला ध्यान भटकाने और मीडिया में चर्चा पाने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और यह सब माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है.

पुलिस क्या जांच कर रही है?

घटना की सूचना मिलने के बाद Government Railway Police ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ट्रेन के कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से हमलावर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

आशुतोष ब्रह्मचारी ने क्या लगाए आरोप?

आशुतोष महाराज ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि कोर्ट में सबूत न पेश कर पाऊं, इसलिए अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करवाया. उन्हें पता है कि सबूत देखने के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाएगी. हालांकि, मामले में शंकराचार्य का कहना है कि सब दिखावा है. आशुतोष माहौल बनाने और सुरक्षा पाने के लिए ऐसा कह रहे हैं. हमारे ऊपर आरोप लगाने का मकसद सिर्फ मीडिया का अटेंशन पाना है. यह यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश है.

चलती ट्रेन में हुआ यह हमला धार्मिक विवाद से जुड़े मामले को और संवेदनशील बना सकता है. एक ओर आशुतोष ब्रह्मचारी इसे जानलेवा साजिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को खारिज किया है. फिलहाल मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगी.

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