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CCTV देखा है? अखिलेश यादव का 'धाकड़' जवाब हुआ वायरल, हाईवे सेक्स कांड पर कसा तंज

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. उन्होंने ‘CCTV देखा है?’ कहते हुए बीजेपी पर तंज कसा, जिसे मध्यप्रदेश के पूर्व बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ के वायरल सेक्स वीडियो से जोड़ा जा रहा है. अखिलेश के बयान को विपक्ष की ओर से बीजेपी की कथनी-करनी पर रणनीतिक हमला माना जा रहा है.

CCTV देखा है? अखिलेश यादव का धाकड़ जवाब हुआ वायरल, हाईवे सेक्स कांड पर कसा तंज
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नवनीत कुमार
By: नवनीत कुमार3 Mins Read

Published on: 23 Jun 2025 1:50 PM

यूपी में महिला सुरक्षा को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान वायरल हो रहा है. इसे लेकर सवाल पूछने पर उन्होंने बीजेपी पर सधा हुआ तंज कसा है. उन्होंने बीजेपी की महिला सुरक्षा को लेकर कथनी और करनी पर सवाल उठाए और वीडियो की पृष्ठभूमि में बीजेपी के नैतिक मूल्यों की पोल खोलने की कोशिश की.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश से जब पूछा गया कि बीजेपी नेता कहते है कि 'जहां दिखे सपाई वहां बिटिया घबराई'. तब अखिलेश यादव ने कहा, "आपने CCTV नहीं देखा, भारतीय जनता पार्टी से महिलाएं दूरी बना रही हैं.'' ये तंज उन्होंने नाम लिए बगैर पिछले दिनों वायरल हुए एक वीडियो को लेकर कहा. इस बयान को मध्यप्रदेश के बीजेपी के पूर्व नेता मनोहलाल धाकड़ के हाईवे सेक्‍स कांड से जोड़कर देखा जा रहा है.

वीडियो हुआ वायरल

अखिलेश की ‘सीसीटीवी’ वाली टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया. उनकी बात न सिर्फ महिला सुरक्षा पर कटाक्ष थी, बल्कि बीजेपी के नेताओं और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े करती है. अखिलेश के इस बयान को विपक्ष की तरफ से एक तीखे और रणनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है.

क्या है धाकड़ कांड?

मनोहर लाल धाकड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह एक महिला के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अश्लील हरकत करते हुए दिखाई दिए. हाईवे पर खुलेआम सेक्स करने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया. विपक्ष ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला. पार्टी ने इससे दूरी बनाते हुए धाकड़ को अपना सदस्य मानने से साफ इनकार कर दिया.

लुबना और मयूरी का आया नाम

इसमें कई महिलाओं के नाम भी आए जिसमें लुबना कुरैशी और मयूरी मिश्रा एक भी नाम सामने आया. हालांकि ये नाम काल्पनिक थे, इस नाम की कोई महिला धाकड़ के साथ नहीं थी. इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई जिसे स्टेट मिरर ने भी फैक्ट चेक करके खंडन किया.

अखिलेश यादव
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