Begin typing your search...

'बेइज्जत कर इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया', मंच पर डिप्टी CM से डिग्री लेते हुए इतना क्यों भड़क गई ये स्टूडेंट?

जयपुर में आयोजित एक दीक्षांत समारोह अचानक विवादों में आ गया, जब एक छात्रा का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. मंच पर डिग्री लेते हुए छात्रा ने डिप्टी सीएम के सामने कहा 'बेइज्जत कर इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया'

बेइज्जत कर इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया, मंच पर डिप्टी CM से डिग्री लेते हुए इतना क्यों भड़क गई ये स्टूडेंट?
X
( Image Source:  instagram-@statemirrorhindi )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 26 March 2026 7:14 PM IST

कन्वोकेशन सेरेमनी जैसे खास मौके पर जहां खुशी और गर्व का माहौल होता है, वहीं जयपुर में एक छात्रा के बयान ने सबको चौंका दिया. दरअसल हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (HJU) की एक छात्रा ने मंच पर डिग्री लेते समय छात्रा ने डिप्टी सीएम के सामने ऐसा तंज कसा, जिसने पूरे कार्यक्रम को सुर्खियों में ला दिया.

छात्रा ने डिग्री लेते कहा कि 'बेइज्जती करके इज्जत देने पर यूनिवर्सिटी का बहुत-बहुत शुक्रिया.' उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस यादगार दिन पर छात्रा का गुस्सा सबके सामने फूट पड़ा?

मंच पर छात्रा का तंज

यह घटना 25 मार्च 2026 को आयोजित तीसरे दीक्षांत समारोह की है, जो जयपुर के Rajasthan International Centre में हुआ. वायरल वीडियो में लड़की जब मंच पर डिग्री लेने जाती है, तो वह धन्यवाद बोलने के बजाय कहती है 'बेइज्जती करके इज्जत देने के लिए धन्यवाद'. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और मामला चर्चा का विषय बन गया.

क्या है विवाद?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में दिख रही लड़की का नाम सारा इस्माइल है. उन्होंने बताया कि दरअसल इवेंट में शुरुआत में लंबी-लंबी स्पीच के बाद केवल गोल्ड मेडल पाने वाले छात्रों को ही मंच पर बुलाया गया. बाकी छात्रों को बाद में डिग्री लेने के लिए कहा गया, जिससे नाराजगी बढ़ गई.

छात्रों का गुस्सा और विरोध

सारा ने बताया कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं दी गई थी कि सभी को मंच पर बुलाया नहीं जाएगा. कई छात्र दूर-दराज से अपने परिवार के साथ आए थे और उन्होंने इस अवसर के लिए समय और पैसे दोनों खर्च किए थे. जब प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी, तो छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी. हालांकि बाद में हालात को संभालने के लिए सभी छात्रों को एक-एक करके मंच पर बुलाकर डिग्री दी गई.

अगला लेख