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राजस्थान के 'मिनी स्विट्जरलैंड' के सामने फेल हुए कश्मीर और लद्दाख, दूर-दूर से आए पर्यटकों को मिल रही 'स्नो' वाइब

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में मार्बल फैक्ट्रियों की स्लरी से बना विशाल स्नो यार्ड इन दिनों पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. सफेद टीले और चमकती सतह इसे 'मिनी स्विट्जरलैंड' जैसा लुक देती है.

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( Image Source:  X: @JanasenaFanRJ )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 16 March 2026 2:51 PM IST

राजस्थान में अभी गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है. दिल्ली, यूपी, मुंबई और राजस्थान के कई इलाकों में तेज़ धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं. लेकिन इसी राजस्थान में एक ऐसी जगह है जहां जाकर लोगों को ठंडक और सुकून मिल रहा है. यह जगह है अजमेर जिले के किशनगढ़ में स्थित एक खास स्नो यार्ड। यहां असल में कोई असली बर्फ नहीं गिरती है, क्योंकि राजस्थान में बर्फबारी तो बहुत दूर की बात है. फिर भी यहां चारों तरफ सफेद-चिट्टा नजारा दिखता है, जो बिल्कुल बर्फ से ढके पहाड़ों जैसा लगता है. लोग इसे देखकर हैरान हो जाते हैं और कई ने इसे "मिनी स्विट्जरलैंड", ;राजस्थान का स्विट्जरलैंड' या 'स्नो यार्ड' का नाम दे दिया है. कुछ लोग तो कहते हैं कि स्विट्जरलैंड भी इसके सामने फीका पड़ जाता है.

यह सफेद नजारा कैसे बना?

दरअसल किशनगढ़ राजस्थान का बहुत बड़ा मार्बल सिटी है. यहां सैकड़ों फैक्टरियां हैं जहां मार्बल को काटा, तराशा और पॉलिश किया जाता है. इस काम के दौरान बहुत सारी सफेद धूल और गीली स्लरी (पानी मिली मार्बल की बारीक पाउडर वाली गंदगी) निकलती है. पहले यह स्लरी इधर-उधर सड़कों पर या खेतों में फेंकी जाती थी, जिससे प्रदूषण बहुत फैल रहा था. फिर किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने करीब 500 एकड़ जमीन पर एक खास डंपिंग यार्ड बनवाया। सभी फैक्टरियों और टैंकरों को सख्ती से कहा गया कि सारी स्लरी यहीं लाकर डालें। समय के साथ यह स्लरी सूख गई, जम गई और ऊंचे-ऊंचे सफेद टीले व पहाड़ जैसे ढेर बन गए. बीच-बीच में पानी के छोटे-छोटे तालाब भी बन गए. धूप में यह सब चमकता है और दूर से देखने पर बिल्कुल बर्फीला मैदान या ग्लेशियर जैसा लगता है. आसपास गेट, सजावट और रास्ते भी बनवा दिए गए हैं, ताकि यह जगह पर्यटकों के लिए आकर्षक बने. प्रदूषण विभाग और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने कई बार जांच की और इसे साफ-सफाई के साथ मंजूरी दे दी है.

लोग क्या कह रहे हैं?

यहां दूर-दूर से पर्यटक आ रहे हैं, खासकर जयपुर, दिल्ली और आसपास के शहरों से. प्री-वेडिंग शूट, फोटोशूट, इंस्टाग्राम रील्स और वीडियो बनाने के लिए यह जगह बहुत पॉपुलर हो गई है. एक महिला पर्यटक ने कहा, 'यहां आकर ऐसा लगता है जैसे स्विट्जरलैंड भी हार मान ले. जयपुर में बैठे-बैठे कश्मीर या लद्दाख का मजा मिल गया. मार्च में भी बर्फ जैसा माहौल! बहुत शानदार लगा.' कई लोग इसे 'मिनी कश्मीर', 'मूनलैंड ऑफ राजस्थान' कह रहे हैं. फोटोग्राफर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह एकदम परफेक्ट स्पॉट है. सूरज ढलते समय सफेद टीले पर सुनहरी रोशनी पड़ती है, तो नजारा और भी जादुई हो जाता है.

लेकिन सावधानी भी जरूरी है

यह जगह मार्बल की धूल से बनी है, जिसमें सिलिका के छोटे-छोटे कण होते हैं. डॉक्टरों खासकर फेफड़ों के विशेषज्ञ का कहना है कि यह धूल फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकती है. ज्यादा देर तक बिना प्रोटेक्शन के रहने से सांस की तकलीफ, खांसी या लंबे समय में और गंभीर समस्या हो सकती है. अगर आप यहां जाना चाहें तो एन95 मास्क या बेहतर रेस्पिरेटर जरूर पहनें।

  • धूल से बचने के लिए चश्मा और लंबी आस्तीन के कपड़े पहनें
  • दमा या सांस की बीमारी वाले लोग ज्यादा सावधानी बरतें या डॉक्टर से सलाह लें
  • बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा देर न रहने दें
RAJASTHAN NEWS
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