Begin typing your search...

Holi पर राजस्थान में टूरिज्म बूम: विदेशी सैलानियों की बाढ़, किन-किन शहरों के होटल अभी से फुल?

होली के मौके पर राजस्थान में टूरिज्म सेक्टर में जबरदस्त उछाल देखा गया है, विदेशी सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर और पुष्कर में होटल ऑक्यूपेंसी 70-75% तक पहुंच गई है.

Rajasthan Tourism Holi Tourism 2026 Foreign Tourists
X

होली 2026 के करीब आते ही राजस्थान का टूरिज्म सेक्टर एक बार फिर रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है. रंगों के इस त्योहार और लंबे वीकेंड के चलते देशी ही नहीं, विदेशी सैलानियों की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर और पुष्कर जैसे प्रमुख टूरिस्ट हब में होटल ऑक्यूपेंसी तेजी से बढ़ी है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि त्योहार आधारित पर्यटन अब राजस्थान की अर्थव्यवस्था का बड़ा इंजन बनता जा रहा है.

होली पर राजस्थान में टूरिज्म बूम क्यों?

होली के त्योहार और लंबे वीकेंड के मेल ने राजस्थान में टूरिज्म को जबरदस्त रफ्तार दे दी है. राज्य के प्रमुख पर्यटन शहरों जैसे जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर और पुष्कर में देशी ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों की संख्या में भी तेज उछाल देखने को मिला है. टीआईआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि होली अब सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि एक बड़ा टूरिज्म ट्रिगर बन चुकी है.

किन शहरों में सबसे ज्यादा टूरिस्ट पहुंचे?

राजस्थान के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पर इस बार शानदार फुटफॉल दर्ज किया गया है. खासकर जयपुर और उदयपुर में होटल ऑक्यूपेंसी 75% से ज्यादा पहुंच गई, जबकि पुष्कर और जैसलमेर में करीब 70% बुकिंग रिकॉर्ड की गई. रंगों के इस त्योहार को देखने और अनुभव करने के लिए विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में इन शहरों की ओर रुख कर रहे हैं.

क्या सिर्फ विदेशी ही नहीं, घरेलू पर्यटक भी बढ़े?

राजस्थान टूरिज्म इंडस्ट्री के मुताबिक, इस उछाल के पीछे दोहरी वजह काम कर रही है. एक तरफ लंबे वीकेंड का फायदा उठाते घरेलू पर्यटक, और दूसरी तरफ तेजी से बढ़ती विदेशी सैलानियों की संख्या. दोनों ने मिलकर राज्य के पर्यटन सेक्टर को पीक सीजन जैसा माहौल दे दिया है.

होली विदेशी टूरिस्ट के लिए क्यों खास?

टीआईआई ने फेडरेशन ऑफ राजस्थान होटल्स के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट रणविजय सिंह के हवाले से बताया है कि होली और दिवाली जैसे भारतीय त्योहार अब विदेशी पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनते जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि मार्च में लगातार दो लंबे वीकेंड और पहले 15 दिनों की मजबूत एडवांस बुकिंग इस ट्रेंड को और मजबूत करती है. इससे साफ है कि त्योहार आधारित टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है.

क्या पूरे महीने टूरिज्म की डिमांड रहेगी?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि एडवांस बुकिंग के आंकड़े बताते हैं कि पूरे मार्च महीने में टूरिज्म की डिमांड बनी रहेगी. जनवरी और फरवरी में भी विदेशी सैलानियों की संख्या पिछले साल की तुलना में ज्यादा रही, जिससे यह ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है.

जैसलमेर में टूरिस्ट बढ़ने के पीछे क्या वजह है?

टूरिज्म एक्सपर्ट के मुताबिक जैसलमेर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के पीछे बेहतर हवाई कनेक्टिविटी बड़ी वजह है. अब यह शहर दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद समेत पांच बड़े शहरों से सीधी फ्लाइट से जुड़ चुका है. इससे यहां पहुंचना आसान हुआ है और टूरिस्ट की संख्या में तेजी आई है.

क्या आने वाले समय में भी टूरिज्म ग्रोथ जारी रहेगी?

एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि अगर गर्मियों के लीन सीजन में भी हफ्ते में कम से कम तीन फ्लाइट्स जारी रहती हैं, तो जैसलमेर समेत राजस्थान के अन्य टूरिस्ट हब में भी टूरिज्म की रफ्तार बनी रहेगी. होली के जरिए जो बूस्ट मिला है, वह पूरे सीजन को प्रभावित कर सकता है.

2 लाइन स्टोरी समरी

होली और लंबे वीकेंड ने राजस्थान में टूरिज्म को जबरदस्त बूस्ट दिया है, जिससे विदेशी सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ी. जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर और पुष्कर में होटल ऑक्यूपेंसी 70-75% पार कर गई है, जो पीक सीजन की शुरुआत का संकेत है.

RAJASTHAN NEWS
अगला लेख