कौन हैं सरबजीत कौर जो जत्था के बहाने पाकिस्तान में निकाह कर बनी नूर हुसैन? कपूरथला में ठगी और धोखाधड़ी का दर्ज है केस
लाहौर के एक बड़े पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि सरबजीत कौर ने पाकिस्तान पहुंचते ही अगले दिन यानी 4 नवंबर को शादी कर ली. शादी लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर शेखुपुरा जिले में हुई. उनका पति नासिर हुसैन शेखुपुरा के फर्रुखाबाद इलाके का रहने वाला है.
इन दिनों सरबजीत कौर नाम की महिला चर्चा में बनी हुई है. वो एक आम सिख महिला हैं, लेकिन इन दिनों वो पूरे हिंदुस्तान और पाकिस्तान में सुर्खियां बटोर रही हैं. चंडीगढ़ से लेकर लाहौर तक, और दिल्ली से इस्लामाबाद तक, हर जगह इसकी चर्चा है. ठंड के मौसम में भी चारों तरफ गर्माहट फैली हुई है. यहां तक कि भारत की खुफिया एजेंसी RAW और पाकिस्तान की ISI के दफ्तरों में भी हलचल मची हुई है और इस सब की मुख्य वजह सिर्फ एक ही है सरबजीत कौर.
अब सवाल उठता है कि सरबजीत कौर कहां की रहने वाली हैं? वो भारतीय पंजाब के कपूरथला जिले में स्थित एक छोटे से गांव अमनीपुर की निवासी हैं. वो एक सिख परिवार से ताल्लुक रखती हैं. लेकिन अचानक वो पाकिस्तान चली गईं और वहां गायब हो गईं. फिर खबर आई कि उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया और एक व्यक्ति से शादी कर ली. अब उनका नाम नूर हुसैन हो गया है. ये सब सुनकर हर कोई हैरान है.
सरबजीत कौर पाकिस्तान क्यों गई थीं?
ये सब शुरू हुआ सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व से. हर साल नवंबर में गुरु नानक जी की जयंती मनाई जाती है. इस मौके पर भारत से हजारों सिख श्रद्धालु पाकिस्तान जाते हैं, क्योंकि वहां गुरु नानक जी से जुड़े कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं, जैसे ननकाना साहिब. इस बार 4 नवंबर को एक बड़ा जत्था (समूह) पाकिस्तान गया. इसमें कुल 1,922 तीर्थयात्री थे. सभी लोग अमृतसर के अटारी बॉर्डर से पैदल पाकिस्तान में दाखिल हुए. इस जत्थे की अगुवाई अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज कर रहे थे. सरबजीत कौर भी इसी जत्थे में शामिल थी.
जत्था से लौटी नहीं सरबजीत
योजना के मुताबिक, ये लोग पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुद्वारों में 10 दिन रहेंगे और पूजा-पाठ करेंगे. फिर 13 नवंबर की शाम को पूरा जत्था भारत वापस लौट आया. लेकिन हैरानी की बात ये थी कि 1,922 में से एक व्यक्ति गायब था और वो थी सरबजीत कौर. एक महिला का पाकिस्तान में गुम हो जाना कोई छोटी बात नहीं है. इससे अकाल तख्त साहिब, पंजाब सरकार और भारत सरकार सबकी चिंता बढ़ गई. कपूरथला जिले की पुलिस ने फौरन बयान जारी किया कि सरबजीत कौर की गुमशुदगी की जांच शुरू कर दी गई है.
अचानक आया सरबजीत का वीडियो
पुलिस, RAW और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां अभी जांच में जुटी हुई थीं कि तभी सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया. इसमें सरबजीत कौर खुद दिख रही थी और वो शादी कर रही थी. उन्होंने अपना निकाह का हलफनामा (शादी का कागज) भी सार्वजनिक कर दिया. वीडियो में सरबजीत ने साफ-साफ कहा कि वो नासिर हुसैन नाम के व्यक्ति से प्यार करती हैं. वो उसे पिछले 9 साल से सोशल मीडिया के जरिए जानती हैं. उन्होंने बताया कि वो तलाकशुदा हैं और इसी व्यक्ति से शादी करना चाहती थी. वीडियो पाकिस्तान की एक अदालत में रिकॉर्ड किया गया था. वहां न्यायिक मजिस्ट्रेट मुहम्मद खालिद महमूद वार्राइच के सामने सरबजीत ने कहा, 'किसी ने मेरा अपहरण नहीं किया है. मैं अपनी मर्जी से नासिर हुसैन से शादी करके खुशी-खुशी रह रही हूं.' उन्होंने ये भी कहा कि भारत से वो सिर्फ अपने पहने हुए कपड़े लेकर आई हैं, कुछ और नहीं.
पाकिस्तान की पुलिस ने क्या कहा?
लाहौर के एक बड़े पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि सरबजीत कौर ने पाकिस्तान पहुंचते ही अगले दिन यानी 4 नवंबर को शादी कर ली. शादी लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर शेखुपुरा जिले में हुई. उनका पति नासिर हुसैन शेखुपुरा के फर्रुखाबाद इलाके का रहने वाला है. सरबजीत ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया और शादी की. अधिकारी ने कहा कि ये जोड़ा अभी छिपा हुआ है और पुलिस उन्हें तलाश रही है. जब पूछा गया कि क्या खुफिया एजेंसियां उन्हें पकड़कर रखी हुई हैं, तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया. लेकिन निकाहनामा (शादी का प्रमाणपत्र) की कॉपी से साफ है कि सरबजीत कौर (अब नूर हुसैन) ने नासिर हुसैन से वैध शादी की है.
सरबजीत के पहले पति और बच्चे कौन हैं?
कपूरथला पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, सरबजीत कौर के पास जनवरी 2024 में जालंधर के पासपोर्ट ऑफिस से जारी पासपोर्ट था. पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी की जांच चल रही है, लेकिन धर्म बदलने की कोई पुष्टि नहीं है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरबजीत के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के तीन केस दर्ज हैं दो कपूरथला सिटी थाने में और एक बठिंडा के कोट फत्ता थाने में. लेकिन ये केस अदालत में लगभग खत्म होने वाले हैं. सरबजीत अपने पहले पति से अलग हो चुकी हैं. उनका पूर्व पति करनैल सिंह पिछले 30 साल से इंग्लैंड में रह रहे हैं. पहले पति से उनके दो बेटे भी हैं. भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान में भारतीय दूतावास पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क में है.
केंद्र सरकार ने पहले मना किया था
केंद्र सरकार ने सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान जाने की अनुमति पिछले महीने दी थी. लेकिन इससे करीब दो हफ्ते पहले सुरक्षा कारणों से मना कर दिया गया था. हर साल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) श्रद्धालुओं की लिस्ट भेजती है. SGPC के सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि वो सिर्फ लिस्ट आगे भेजते हैं, बैकग्राउंड चेक सरकार का काम है.
प्यार के आड़ में चल रही है साजिश?
अब बड़ा सवाल ये है कि ये सब क्या है? भारतीय एजेंसियां जांच कर रही हैं कि कहीं पाकिस्तान की कोई साजिश तो नहीं या ये सच में एक प्रेम कहानी है? पाकिस्तान में 1947 के बंटवारे के बाद हिंदू और सिख अल्पसंख्यक बहुत कम बचे. उनकी आबादी लगातार घटती गई. वहां अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं और उन्हें दूसरी श्रेणी का नागरिक माना जाता है. कश्मीर के अलावा पंजाब में भी पाकिस्तान अशांति फैलाने की कोशिश करता रहता है. खालिस्तानी आतंकवादियों को पैसे और सपोर्ट देता है. इसलिए भारत सरकार और एजेंसियां इस मामले पर बहुत सतर्क हैं.





