ड्रोन, ग्रेनेड और प्रॉक्सी वॉर: पंजाब में आतंकी साजिश पर DGP का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान और उसकी ISI बेनकाब
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई, प्रॉक्सी वार और ग्रेनेड हमलों से राज्य को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है. पाकिस्तान सरकार, वहां की सेना और आईएसआई प्रदेश में अशांति को बढ़ावा देने में संलिप्त है.
पंजाब को एक बार फिर आतंकी नेटवर्क और सीमा-पार साजिशों के जरिए अस्थिर करने की कोशिशें तेज हो गई है. प्रदेश के डीजीपी गौरव यादव ने पाकिस्तान को खुली चुनौती देते हुए बड़ा खुलासा किया है कि कैसे ड्रोन के जरिए हथियार भेजे जा रहे हैं, प्रॉक्सी वॉर के तहत स्थानीय नेटवर्क को सक्रिय किया जा रहा है और ग्रेनेड हमलों से दहशत फैलाने की रणनीति अपनाई जा रही है. डीजीपी के इस बयान ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में ग्रेनेड हमले या पुलिस थानों के आसपास ब्लास्ट कोई छिटपुट घटनाएं नहीं, बल्कि संगठित आतंकी साजिश है.
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उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब में अलगाववाद को कोई समर्थन नहीं मिला है. यहां के निवासी नॉन-रेडिकलाइज्ड हैं. इसी वजह से शांति भंग करने के लिए बाहरी ताकतें साजिश रच रही हैं. ताकि वो इसका लाभ उठा सकें.
ड्रोन से हथियार सप्लाई नई रणनीति
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकी संगठन ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है. सीमा पार से असॉल्ट राइफल, पिस्टल, ग्रेनेड और गोला-बारूद भेजे जा रहे हैं. इससे सीधे मुठभेड़ के बजाय लो-कॉस्ट, हाई-इम्पैक्ट हमले किए जा रहे हैं. DGP ने कहा कि हालात को ज्यादा गंभीर दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी दावे किए जा रहे हैं.
ग्रेनेड हमले : दहशत का नया हथियार
धार्मिक स्थलों, पुलिस ठिकानों और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने के मकसद से आम जनता में डर और प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि अफरा तफरी का माहौल पैदा करना संभव हो सके. डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान का यह तरीका प्रॉक्सी वार से आगे मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है.
प्रॉक्सी वार के लिए लोकल चेहरों का इस्तेमाल
पाकिस्तानी आईएसआई प्रॉक्सी वार में तेजी लाने के लिए लोकल चेहरों को इस्तेमाल कर रहा है. वह, अब सीधे आतंकी भेजने के बजाय स्थानीय युवाओं को बरगला कर इस काम को अंजाम दे रहा है. सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स से संपर्क इसके लिए जरूरी साधन मुहैया कराए जा रहे हैं. इसके लिए फंडिंग और निर्देश प्रदेश के भटके युवाओं को सीमापार से मिल रहा है.
डीजीपी ने पाकिस्तान की भूमिका पर सीधा आरोप लगाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि यह सब पाकिस्तान की एजेंसियों की शह पर हो रहा है. मकसद पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगाड़ना और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना है. हालांकि, उसकी ये हरकत भारत की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करने की नाकाम कोशिश भर है.
पंजाब पुलिस की इन साजिशों से निपटने की पूरी तैयारी है. एंटी-ड्रोन सिस्टम और हाई-टेक सर्विलांस, इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन और केंद्रीश् एजेंसियों के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन पर जारी है. हम इस प्रक्रिया को और मजबूत बनाने में जुटे हैं.
क्राइम रेट 227
उन्होंने ये भी कहा कि पंजाब में प्रति लाख व्यक्ति पर क्राइम रेट 227 है. यहां हर वारदात को गंभीरता से लिया जाता है. बॉर्डर स्टेट होने के कारण इसका स्ट्रेटेजिक असर ज्यादा होता है. डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में पंजाब से ऑर्गनाइज्ड क्राइम को जड़ से खत्म किया जाएगा. फरार आरोपियों के देश से बाहर जाने पर कहा कि इसमें सिस्टमैटिक बदलाव की जरूरत है.





