आतंकी अलर्ट दिल्ली में और पंजाब-कश्मीर में मिला 'बारूद', कहीं लश्कर की ध्यान भटकाने की साजिश तो नहीं?
पंजाब और कश्मीर में एक ही दिन दो IED मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. इसी बीच खुफिया इनपुट में दिल्ली के लाल किला और चांदनी चौक को संभावित निशाना बताया गया है.
दिल्ली में आतंकी अलर्ट के बीच पंजाब और कश्मीर में एक ही दिन दो आईईडी (IED) मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. ऐसे में कहा जा रहा है कि कहीं लश्कर ध्यान भटकाकर कुछ करतूत करने की फिराक में तो नहीं है. खुफिया सूत्रों ने पहले ही राजधानी दिल्ली में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन के संभावित हमले को लेकर अलर्ट जारी किया था. हालांकि अभी तक इन बरामद आईईडी को दिल्ली में संभावित साजिश से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा गया है, लेकिन घटनाओं की टाइमिंग ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
दिल्ली में धार्मिक और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाए जाने की आशंका के बीच पंजाब और जम्मू-कश्मीर में विस्फोटक मिलने की घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही हैं. खासतौर पर ऐसे समय में जब राजधानी में पहले भी बड़े हमले की साजिश का खुलासा हो चुका है, इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है.
पंजाब में आईईडी कहां मिला और क्या कार्रवाई हुई?
शुक्रवार को अमृतसर के रैया पुलिस पोस्ट के पास एक संदिग्ध बैग देखा गया. स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के दौरान बैग में आईईडी बरामद हुआ. तुरंत बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) को बुलाया गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विस्फोटक को एक्टिव कर दिया गया.
एसएसपी सोहैल कासिम मीर ने बताया कि 'पुलिस चौकी के पास एक संदिग्ध बैग दिखाई दिया. तुरंत बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया और उन्होंने पुष्टि की कि वह आईईडी था. बाद में तय प्रोटोकॉल के अनुसार उसे निष्क्रिय कर दिया गया," एसएसपी सोहैल कासिम मीर ने इंडिया टुडे को बताया. पुलिस फिलहाल आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की गहन जांच जारी है.
कश्मीर के गांदरबल में क्या मिला?
उसी दिन जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के सफापोरा इलाके में भी एक आईईडी बरामद किया गया. सेना की बम डिटेक्शन टीम (BDS) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर विस्फोटक को कुछ ही घंटों में खोज निकाला और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. उत्तर कश्मीर में पिछले एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी आईईडी बरामदगी है. इससे पहले गुरुवार को तंगमर्ग रोड और बारामूला में भी आईईडी पाए गए थे. लगातार मिल रहे विस्फोटकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है.
क्या दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है?
इन घटनाओं के बीच खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली में धार्मिक और पर्यटन स्थलों को निशाना बना सकता है. सूत्रों के अनुसार, हाफिज सईद के नेतृत्व वाला यह संगठन 6 फरवरी को इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट का बदला लेने की फिराक में है. इस हमले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने ली थी.
खुफिया इनपुट में संकेत मिले हैं कि पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में स्थित किसी मंदिर को संभावित टारगेट बनाया जा सकता है. इसके अलावा लाल किला और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्र भी निशाने पर हो सकते हैं.
क्या लाल किला पहले भी निशाना बन चुका है?
करीब तीन महीने पहले ऐतिहासिक पर्यटन स्थल लाल किला के पास एक कार विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे. जांच में सामने आया था कि इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat-ul-Hind) से जुड़े मॉड्यूल का हाथ था. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद निगरानी टीम की रिपोर्ट में भी जैश के इस हमले से जुड़े होने का उल्लेख किया गया है.
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कितनी कड़ी की गई है?
ताजा अलर्ट के बाद राष्ट्रीय राजधानी में प्रमुख मंदिरों, बाजारों और ऐतिहासिक स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विशेष रूप से लाल किला क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं और संभावित खतरे को देखते हुए हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.




