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कौन हैं MP के 'बाहुबली' सिपाही सुनील कुमार यादव? दांतों से खींची IG अरविंद सक्सेना की कार, VIDEO वायरल

मध्य प्रदेश पुलिस के आरक्षक सुनील कुमार यादव ने अपनी असाधारण ताकत का प्रदर्शन करते हुए IG अरविंद सक्सेना की कार दांतों से खींची. ट्रक, ट्रैक्टर और कई वाहनों को दांतों से खींच चुके सुनील यादव को लोग 'बाहुबली' के नाम से जानते हैं.

कौन हैं MP के बाहुबली सिपाही सुनील कुमार यादव? दांतों से खींची IG अरविंद सक्सेना की कार, VIDEO वायरल
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( Image Source:  @KishorJoshi02-X )

किसी पुलिस अधिकारी की विदाई आमतौर पर गार्ड ऑफ ऑनर, फूलों के गुलदस्ते और तालियों के बीच होती है. लेकिन ग्वालियर में एक सेवानिवृत्ति समारोह ऐसा भी हुआ, जिसने हर किसी को चौंका दिया. पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अरविंद सक्सेना के आखिरी कार्यदिवस पर उन्हें जिस अंदाज में विदाई दी गई, उसने समारोह को यादगार बना दिया. इस पूरे आयोजन का सबसे चर्चित चेहरा बने मध्य प्रदेश पुलिस के आरक्षक सुनील कुमार यादव, जिन्होंने अपने दांतों से आईजी की कार खींचकर सभी को हैरान कर दिया.

यह नजारा देखने वाले लोग कुछ पल के लिए ठिठक गए. रस्सी कार से बंधी थी और उसका दूसरा सिरा सुनील यादव ने अपने दांतों से थाम रखा था. धीरे-धीरे उन्होंने करीब 50 मीटर तक कार को खींचा. जैसे ही कार कार्यालय परिसर से बाहर पहुंची, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तालियों से उनका उत्साह बढ़ाने लगे. इस अनोखी विदाई का वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

सुनील कुमार यादव कौन?

सुनील कुमार यादव मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक हैं और ग्वालियर रेंज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. हालांकि उनकी पहचान सिर्फ एक पुलिसकर्मी तक सीमित नहीं है. विभाग में उन्हें उनकी असाधारण शारीरिक क्षमता और हैरतअंगेज ताकत के लिए जाना जाता है. वर्षों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और फिटनेस के प्रति समर्पण ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है. पुलिस विभाग में साथी उन्हें प्यार से 'बाहुबली' कहकर बुलाते हैं. यह नाम उन्हें किसी फिल्मी किरदार की वजह से नहीं, बल्कि उन कारनामों के कारण मिला है जिन्हें देखकर लोग दंग रह जाते हैं.

ताकत का ऐसा प्रदर्शन, जिसने बनाई अलग पहचान

सुनील यादव लंबे समय से स्ट्रेंथ परफॉर्मेंस करते आ रहे हैं. उन्होंने कई मौकों पर अपने दांतों के सहारे ट्रैक्टर, ट्रक और अन्य भारी वाहनों को खींचकर लोगों को चौंकाया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह एक साथ सात कारों को दांतों से खींचने का प्रदर्शन भी कर चुके हैं.

उनकी यही क्षमता उन्हें आम लोगों के साथ-साथ पुलिस विभाग में भी खास बनाती है. उनका कहना है कि किसी भी ऐसे प्रदर्शन के पीछे लगातार अभ्यास, अनुशासित जीवनशैली और मानसिक एकाग्रता सबसे अहम भूमिका निभाती है.

जब विदाई बनी चर्चा का विषय

आईजी अरविंद सक्सेना की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. औपचारिक समारोह समाप्त होने के बाद जब अरविंद सक्सेना कार्यालय से रवाना होने लगे, तभी सुनील कुमार यादव ने अपने अनोखे अंदाज में उन्हें सम्मान देने का फैसला किया.

उन्होंने कार के अगले हिस्से में रस्सी बांधी और अपने दांतों के सहारे उसे खींचते हुए मुख्य द्वार तक पहुंचाया. कार में लोग बैठे होने के बावजूद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह प्रदर्शन किया. इस दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को आश्चर्यचकित कर दिया.

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा?

विदाई समारोह का वीडियो इंटरनेट पर आते ही तेजी से वायरल हो गया. बड़ी संख्या में लोगों ने इसे एक अलग और यादगार सम्मान बताया. कई यूजर्स ने सुनील यादव की शारीरिक क्षमता की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने इसे अपने वरिष्ठ अधिकारी के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अनोखा तरीका बताया. वीडियो के वायरल होने के बाद सुनील यादव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए और लोग उनके बारे में जानने के लिए सोशल मीडिया व इंटरनेट पर खोज करने लगे.

फिटनेस और अनुशासन से बनाई अलग पहचान

सुनील कुमार यादव की पहचान केवल ताकत दिखाने वाले पुलिसकर्मी की नहीं है. वह अपनी फिटनेस को लेकर बेहद अनुशासित माने जाते हैं और नियमित प्रशिक्षण के जरिए खुद को लगातार बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं. यही कारण है कि वर्षों बाद भी उनके प्रदर्शन में वही ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई देता है. उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि किसी व्यक्ति में समर्पण, निरंतर अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो वह अपनी अलग पहचान बना सकता है.

यादगार बन गई अरविंद सक्सेना की विदाई

समारोह के अंत में सेवानिवृत्त आईजी अरविंद सक्सेना ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और सम्मान के लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया. वहीं, आरक्षक सुनील कुमार यादव का अनोखा प्रदर्शन इस विदाई समारोह की सबसे बड़ी पहचान बन गया. शायद यही वजह है कि ग्वालियर का यह दृश्य अब सिर्फ एक रिटायरमेंट समारोह नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है.

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