पीएम मोदी कर रहे पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील, वहीं BJP नेता ने निकाल दिया सैकड़ों गाड़ियों का काफिला, VIDEO
मध्य प्रदेश में भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर के 50 गाड़ियों वाले काफिले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. यह मामला ऐसे समय सामने आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील कर चुके थे.
भारत में अक्सर बड़े-बड़े नेता और अधिकारी काफिले में यात्रा करते नजर आते हैं. मध्य प्रदेश में भाजपा के एक नेता ने अपने नए पद पर कार्यभार संभालने के लिए उज्जैन से भोपाल जाते समय करीब 50 वाहनों का विशाल काफिला निकाला. उज्जैन से भोपाल की ओर जा रही सड़क पर फूलों की मालाओं से सजी एसयूवी गाड़ियों की लंबी कतार देखकर कोई भी सोच सकता है कि यह कोई आम दृश्य है. लेकिन इस बार यह काफिला समय की वजह से काफी विवादास्पद हो गया. इस काफिले में समर्थक भी बड़ी संख्या में शामिल थे. ठीक उसी समय जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील की थी, यह घटना सामने आई. अब इस काफिले से सवाल उठ रहा है कि नेता और आम आदमी के बीच दोहरे मापदंड क्यों होते हैं? जब प्रधानमंत्री पूरे देश से संयम बरतने को कह रहे हों, तो क्या उनकी पार्टी के नेता भी उसी संयम का उदाहरण पेश कर रहे हैं?.
मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर अपने पदभार ग्रहण करने के लिए उज्जैन से भोपाल जा रहे थे. उनके साथ समर्थकों की गाड़ियों का लंबा काफिला था. वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ियां राजमार्ग पर दूर-दूर तक फैली हुई थी. रास्ते में कई जगहों पर लोग उनका स्वागत कर रहे थे, जिसकी वजह से काफिला बार-बार रुक रहा था. इस रुकने से आम यात्रियों को काफी परेशानी हुई. यातायात बाधित हुआ और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा. इस पूरे दृश्य को देखकर कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या नेता खुद उन बातों का पालन कर रहे हैं जो वे जनता से कहते हैं.
प्रधानमंत्री की अपील का क्या था मकसद?
इस घटना से महज एक या दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में एक रैली के दौरान देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की थी. पश्चिम एशिया (ईरान युद्ध) में चल रहे संकट की वजह से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और भारत की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. प्रधानमंत्री ने कहा था:
अनावश्यक ईंधन का इस्तेमाल कम करें
पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो और कारपूलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करें
इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ें
जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे विकल्प अपनाएं
गैर-जरूरी विदेश यात्राएं और महंगे खर्च जैसे सोने की खरीदारी को टालें
उन्होंने कहा कि कोविड के समय हमने कई बचत के तरीके अपनाए थे, अब फिर से वही करना होगा. इसका मकसद था देश को आर्थिक झटके से बचाना और विदेशी मुद्रा की बचत करना.
विपक्ष का हमला और भाजपा का जवाब
अब भला बीजेपी भूल करें तो विपक्ष कैसे शांत बैठ सकता है. इस काफिले की खबर सामने आते ही कांग्रेस ने हमला बोल दिया. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कल मोदी जी ने जनता से त्याग करने को कहा, 'लेकिन उनकी अपनी पार्टी के नेता 50 गाड़ियों का काफिला लेकर घूम रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार अपनी विफलता को जनता के कंधों पर डाल रही है. भाजपा ने इस पर तीखा पलटवार किया. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 85% विदेश से आयात करता है. ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील राष्ट्रीय हित में थी। उन्होंने इसे प्राकृतिक आपदा के समय दी जाने वाली सलाह से जोड़कर समझाया. भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि मोदी जी ने लोगों से सिर्फ राष्ट्रीय हित में सही विकल्प चुनने की अपील की थी.




