Begin typing your search...

मैं यहां विराजमान हूं! हर रोज एक सपना देखता था युवक, पहाड़ी पर खुदाई करते ही उड़े गांववालों के होश

खंडवा के भुइफल गांव में खुदाई के दौरान मां दुर्गा की प्राचीन मूर्ति मिलने से सनसनी फैल गई. एक युवक के सपने के संकेत के बाद हुई इस घटना को लोग चमत्कार मान रहे हैं और मंदिर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है.

Madhya Pradesh miracle news
X
मध्यप्रदेश में हुआ चमत्कार
( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 31 March 2026 9:54 AM

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में छैगांवमाखन क्षेत्र के भुइफल गांव के पास स्थित कांजा बैड़ा पहाड़ी सोमवार को अचानक पूरे इलाके की आस्था का नया केंद्र बन गई. यहां जमीन खोदते समय मां दुर्गा की एक पुरानी पत्थर की मूर्ति निकल आई. इस खबर से पूरे क्षेत्र में बड़ी सनसनी फैल गई. जैसे-जैसे खबर फैली, वैसे-वैसे जंगल में आग की तरह लोगों की भीड़ वहां इकट्ठा होने लगी.

सैकड़ों ग्रामीण पहाड़ी पर पहुंच गए और उन्होंने इस घटना को मां दुर्गा का चमत्कार मान लिया. मौके पर ही लोगों ने माता की पूजा-अर्चना और आरती शुरू कर दी. इस पूरी घटना की सबसे रोचक बात यह है कि पुनासा क्षेत्र के एक युवक राजू जगताप को पिछले एक साल से लगातार मां दुर्गा सपनों में दिखाई दे रही थी. राजू बताते हैं कि माता रात में सपने में आकर उनसे कहती थीं, 'मैं कांजा बैड़ा पहाड़ी पर विराजमान हूं, मुझे बाहर निकालो.'

क्या मिल रहा था संकेत?

राजू जगताप ने बताया कि वे इस साल दूसरी बार भुइफल गांव आए. उन्होंने गांव के सरपंच और अन्य ग्रामीणों को अपनी सारी बात बताई. सोमवार दोपहर को हरसबाड़ा सरपंच देवेंद्र पंवार अपने साथ कई ग्रामीणों को लेकर कांजा बैड़ा पहाड़ी पर पहुंचे. वहां सबसे पहले उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और योग-ध्यान किया. उसके बाद राजू जगताप ने जिस जगह का संकेत दिया था, उसी जगह पर खुदाई शुरू कर दी गई. जब खुदाई चल रही थी, तो अचानक पत्थर की एक प्राचीन मूर्ति निकल आई. वह मां दुर्गा की मूर्ति थी. मूर्ति देखते ही सभी ग्रामीण भावुक हो गए. उनकी आंखों में आंसू आ गए और वे माता का नाम लेने लगे.

मूर्ति निकलते ही भक्तों का सैलाब

जैसे ही मां दुर्गा की मूर्ति जमीन से बाहर आई वहां मौजूद लोगों ने इसे मां का दिव्य प्रकट होना माना. तुरंत ही पूजा शुरू हो गई. कुछ ही देर में यह खबर आसपास के कई गांवों तक पहुंच गई. सैकड़ों श्रद्धालु पहाड़ी पर पहुंचने लगे. शाम होते-होते वहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और महा आरती का भव्य आयोजन किया गया. पूरे पहाड़ पर 'जय माता दी', 'जय दुर्गा माता' के जयकारे गूंजने लगे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय और दिव्य हो गया.

विधायक और नेताओं ने दी मंदिर बनाने की घोषणा

जब इस घटना की जानकारी पंधाना विधायक छाया मोरे को मिली, तो वे भी तुरंत मौके पर पहुंच गईं. उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन किए, पूजा की और ग्रामीणों से बात की. ग्रामीणों की मांग पर विधायक छाया मोरे ने वहां भव्य मंदिर बनाने की घोषणा कर दी. साथ ही उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 5 लाख रुपये देने का ऐलान भी किया. इसके अलावा हिंदूवादी नेता अशोक पालीवाल ने भी सवा लाख रुपये देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि कांजा बैड़ा पहाड़ को अब 'दुर्गा पर्वत' के नाम से जाना जाएगा. इसके लिए वे गजट नोटिफिकेशन कराने की पहल करेंगे, ताकि इस जगह को आधिकारिक रूप से दुर्गा पर्वत के रूप में मान्यता मिल सके.

प्रशासन पहुंचा, पुरातत्व विभाग से जांच कराने की बात

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया. ट्रेनी IAS अधिकारी कृष्णा सुशीर के नेतृत्व में एक टीम कांजा बैड़ा पहाड़ी पर पहुंची. उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और खुदाई वाली जगह का निरीक्षण किया. प्रशासन ने पुष्टि की कि मूर्ति वाकई खुदाई से निकली है. अधिकारियों ने सुझाव दिया कि मूर्ति को फिलहाल पंचायत के संरक्षण में रखा जाए और पुरातत्व विभाग से इसकी जांच कराई जाए. इससे मूर्ति की उम्र और ऐतिहासिक महत्व का सही पता चल सकेगा. लेकिन ग्रामीण इस बात से सहमत नहीं हुए. उनका कहना है कि माता जहां प्रकट हुई हैं, वहीं रहेंगी. वे यहीं मंदिर बनाने और रोजाना पूजा करने की तैयारी में जुट गए हैं.

अगला लेख