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AI और ऑमलेट ने सुलझाई ग्वालियर मर्डर मिस्ट्री, मध्यप्रदेश का ब्लाइंड केस कर देगा हैरान, ऐसे पकड़ा गया आरोपी

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुए एक बेहद क्रूर हत्याकांड को पुलिस ने आधुनिक तकनीक और सूझबूझ से सुलझा लिया है. महिला का चेहरा पत्थर से कुचल दिया गया था, जिससे पहचान असंभव लग रही थी. यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, लेकिन पुलिस ने AI से तैयार स्केच, सीसीटीवी फुटेज, ऑनलाइन पेमेंट रिकॉर्ड और कपड़ों में मिले ऑमलेट के छोटे टुकड़े जैसे अहम सुरागों को जोड़कर आरोपी तक पहुंच बनाई.

AI और ऑमलेट ने सुलझाई ग्वालियर मर्डर मिस्ट्री, मध्यप्रदेश का ब्लाइंड केस कर देगा हैरान, ऐसे पकड़ा गया आरोपी
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( Image Source:  Create By AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Updated on: 6 Jan 2026 11:09 AM IST

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक बहुत ही क्रूर हत्याकांड को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है. इस मामले में हत्यारे ने महिला के चेहरे को बड़े पत्थर से इतनी बुरी तरह कुचल दिया था कि उसकी पहचान करना भी बेहद मुश्किल हो गया था. पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन अंत में एक छोटे से ऑमलेट के टुकड़े, ऑनलाइन पेमेंट के रिकॉर्ड, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया.

यह घटना 29 दिसंबर की है, जब गोला का मंदिर पुलिस थाना क्षेत्र के एक जंगल में एक महिला का शव मिला. महिला का चेहरा इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया गया था कि उसे देखकर ही पता चल रहा था कि हत्या बहुत ही निर्दयी तरीके से की गई है. पुलिस के लिए सबसे बड़ी समस्या यही थी कि महिला कौन है, इसकी शिनाख्त कैसे हो यह एक ब्लाइंड केस था, यानी कोई सुराग नहीं था.

एआई तकनीक का इस्तेमाल

एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह केस बहुत चुनौतीपूर्ण था. शव मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. चेहरे की हालत इतनी खराब थी कि सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं थी. इसलिए पुलिस ने एआई तकनीक का इस्तेमाल किया और महिला के चेहरे का एक स्केच तैयार करवाया. इस स्केच को देखकर और अन्य सुरागों की मदद से टीकमगढ़ जिले की पुलिस से संपर्क किया गया. अंत में महिला की पहचान हो पाई. वह मूल रूप से टीकमगढ़ की रहने वाली थी और कुछ समय से ग्वालियर में अपने पति के साथ रह रही थी.

ऑमलेट का छोटा टुकड़ा बना बड़ा सुराग

पुलिस ने जब शव की तलाशी ली तो महिला के कपड़ों में ऑमलेट का एक छोटा सा टुकड़ा मिला. यह छोटा सा सबूत पुलिस के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ. पुलिस ने घटनास्थल से 200 मीटर के दायरे में सभी खाने-पीने की ठेलों और दुकानों वाले लोगों से पूछताछ की. पता चला कि कुछ समय पहले एक महिला एक पुरुष के साथ वहां ऑमलेट खाने आई थी. दोनों ने ऑमलेट का ऑनलाइन पेमेंट किया था. इस जानकारी के बाद पुलिस ने इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की. फुटेज में महिला उस पुरुष के साथ नजर आई. ऑनलाइन पेमेंट के रिकॉर्ड को ट्रेस करके पुलिस आरोपी तक पहुंच गई. आखिरकार, ग्वालियर के रहने वाले सचिन सेन को गिरफ्तार कर लिया गया.

आरोपी क्यों इतना क्रूर बना?

पुलिस जांच से पता चला कि मृतका महिला कुछ दिनों पहले अपने पति को छोड़कर सचिन सेन के साथ रहने लगी थी. दोनों की मुलाकात करीब एक हफ्ते पहले हुई थी और महिला पिछले 7-8 दिनों से सचिन के साथ थी. सचिन को शक था कि महिला के कई अन्य पुरुषों से भी संबंध हैं. इसी जलन और गुस्से में उसने हत्या की योजना बनाई. सचिन महिला को मुख्य सड़क के पास जंगल में ले गया और वहां बड़े पत्थर से उसके सिर को बार-बार मारकर कुचल दिया. घटनास्थल से पुलिस को जैकेट सहित कई अन्य सबूत भी मिले, जो आरोपी से जुड़े हुए थे.

एआई और फॉरेंसिक सबूतों की बड़ी मदद

एसएसपी ने बताया कि एआई से तैयार स्केच, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के सबूत और फॉरेंसिक जांच की मदद से पूरी तस्वीर साफ हुई. आरोपी सचिन सेन ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि कोई और पहलू छूट न जाए. यह केस दिखाता है कि कैसे छोटे-छोटे सुराग और आधुनिक तकनीक मिलकर बड़े से बड़े अपराध को सुलझाने में मदद कर सकती है.

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