12 दिन की बेचैनी खत्म : 17000 थाने अलर्ट, 2 लाख का इनाम, आखिरकार जिंदा मिले अंश और अंशिका
रांची से लापता हुए दो मासूम बच्चों अंश और अंशिका को लेकर पूरे देश में 12 दिनों तक बेचैनी बनी रही. 17 हजार से ज्यादा पुलिस थानों में अलर्ट घोषित किया और 2 लाख रुपये का इनाम भी पुलिस ने रखा. दिन-रात चली तलाश के बाद आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली. दोनों बच्चे सकुशल बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस की ओर से इसकी सूचना मिलते ही बच्चों और रांची के लोगों के चेहरे पर लौट आई खुशियां.
झारखंड के रांची के धुर्वा से 2 जनवरी को दो मासूम के अचानक गायब होने के बाद से कोहराम मचा था. परिजनों बच्चों के पाने की आस खो बैठे थे. पुलिस जांच के दौरान हर गुजरते दिन के साथ डर बढ़ता जा रहा था. सभी यही सोच रहे थे बच्चा मिलेगा या नहीं. मिलेगा भी तो जिंदा मिलेगा या नहीं. मां-बाप की आंखों से नींद गायब थी. रांची की सड़कों पर धरना प्रदर्शन का दौर भी चला. झारखंड सहित पूरा देश बच्चों की सलामती की दुआ कर रहा था. आखिरकार, 12 दिन बाद आखिरकार वो खबर आई, जिसने हर दिल को सुकून दिया. रामगढ़ से अंश और अंशिका जिंदा और सुरक्षित मिल गए.
मासूम अंश और अंशिका को ढूंढने के लिए देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के 17 हजार पुलिस थानों की पुलिस ढूंढने में जुटी थी. सूचना देने वालों के लिए 2 लाख रुपये के इनाम का एलान भी पुलिस ने किया था. इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस को अंतत: सफलता मिली और दोनों को सकुशल बरामद कर लिया गया. इसकी सूचना मिलने के बाद से माता पिता के चेहरे पर खुशियां लौट आईं. वहीं रांची के लोगों ने सुकून की सांस ली.
कैसे लापता हुए अंश और अंशिका
रांची से अंश और अंशिका के अचानक लापता होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के कारण मामला और भी गंभीर होता चला गया.
अलर्ट, हर थाने तक पहुंची सूचना
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने देश के लगभग 17,000 पुलिस थानों में बच्चों की जानकारी भेजी. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सीमावर्ती इलाकों और संदिग्ध ठिकानों पर विशेष निगरानी शुरू की गई.
2 लाख रुपये का इनाम
रांची पुलिस ने सूचना देने वालों के लिए 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की. इसके बाद आम लोग भी खोज अभियान से जुड़ने लगे और कई अहम इनपुट पुलिस को मिले.
12वें दिन मिली सफलता
लगातार प्रयासों और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को आखिरकार 12वें दिन सफलता मिली. अंश और अंशिका को सकुशल बरामद कर लिया गया. बच्चों की हालत स्थिर है और उन्हें मेडिकल जांच के बाद परिवार को सौंप दिया गया. आज प्रदेश के डीजीपी इस मसले पर मीडिया को भी संबोधित करेंगे.
परिवार और पुलिस ने ली राहत की सांस
बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. पुलिस प्रशासन ने टीमवर्क और जनता के सहयोग को इस सफलता का सबसे बड़ा कारण बताया. इस मामले ने न केवल पूरे शहर को बेचैन कर रखा था, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी पैदा कर दी थी. अब दोनों बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिवार, प्रशासन और आम लोगों ने राहत की सांस ली है.
कैसे लापता हुए दोनों मासूम
झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी को लापता हुए 5 वर्षीय अंश कुमार और 4 वर्षीय अंशिका कुमारी घर से बिस्किट खरीदने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे थे. इसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और पूरे मामले में गहन प्रयास किए. हालांकि 12 दिन तक परिवार अनहोनी की आशंका में रहा.
जांच में जुटी थी 40 सदस्यीय SIT
झारखंड पुलिस ने दोनों की तलाशी में कोई कसर नहीं छोड़ी. एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में 40 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई थी. फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. इनाम की राशि पहले 51 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की गई थी और बाद में और बढ़ाई गई. पूरे देश के 17 हजार पुलिस थानों को अलर्ट किया गया था.
दोनों बच्चों के गायब होने के बाद पूरे रांची कई दिनों तक प्रदर्शन, टॉर्चलाइट जुलूस और धुर्वा बंद जैसे आंदोलन हुए थे. भाजपा ने एसएसपी ऑफिस घेराव किया था और बचाओ संघर्ष समिति ने 15 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया था. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने परिवार से मुलाकात कर मदद का आश्वासन दिया था.
ऐसे हुई सकुशल बरामदगी
जांच के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर रांची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस की मदद से बच्चों को सुरक्षित बरामद किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसपी खुद रामगढ़ रवाना हुए. बच्चों को अपने कब्जे में लेने के बाद सुरक्षित स्थान पर रखा गया. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं. मेडिकल जांच और औपचारिकताओं के बाद उन्हें जल्द ही परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा. दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, बच्चों के माता-पिता को दोनों मासूम के बरामदगी की सूचना दे दी गई है.
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच में इनकी भूमिका बच्चों के लापता होने से जुड़ी बताई जा रही है. पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है. ताकि यह पता चल सके कि बच्चों को किन परिस्थितियों में वहां ले जाया गया और इसके पीछे क्या कारण थे.
दोनों का हुआ था अपहरण
रांची पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों बच्चों का अपहरण ही किया गया था. अपहरण का मकसद क्या था फिलहाल यह साफ नहीं हो सकता है. इस पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है. इस मामले में औरंगाबाद के रहने वाले एक पति-पत्नी को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया है. दोनों पति-पत्नी ही बच्चों को लेकर 2 जनवरी को शालीमार बाजार से लेकर निकले थे. इसी के साथ झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए भाई-बहन अंश और अंशिका को लेकर चल रही चिंता का अंत हो गया. पुलिस ने दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया.
17 राज्य और यूटी में चला सर्च ऑपरेशन
अंश और अंशिका को ढूंढने के लिए झारखंड पुलिस ने देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सर्च ऑपरेशन चलाया. इनमें बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और निकोबार, दादरा नगर हवेली, दमन और दीव, और लक्षद्वीप शामिल है.
सीएम ने जताई खुशी
बच्चों के सकुशल बरामद होने पर सीएम हेमंत सोरेन से खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां. आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे. शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़ रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच कर बच्चों को मुक्त करवाया है, वह प्रशंसनीय है. हम इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ने जा रहे हैं. राज्य एवं राज्य से बाहर घटित हुई ऐसी घटनाओं का गहन पड़ताल करते हुए, अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी.
सीएम ने झारखंड पुलिस को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बहुत-बहुत बधाई दी है. हमारे बच्चों - अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं. परिवार सदमे से उबर रहा है. मां-पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं. इलाके के लोग कह रहे हैं कि यह खुशी पूरे समाज की है. पुलिस ने अपील की है कि अभिभावक बच्चों पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सूचना दें. यह घटना बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की याद दिलाती है. कुल मिलाकर, पुलिस की सफलता और जनता के सहयोग से यह केस सकारात्मक अंत तक पहुंचा.





