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शिक्षा में भी मिलावट! हजारीबाग में नकली NCERT किताबों के बड़े खेल का भंडाफोड़, 3 बुक डिपो पर FIR दर्ज

हजारीबाग प्रशासन ने नकली NCERT किताबें बेचने के आरोप में तीन बुक डिपो के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत FIR दर्ज की है. छापेमारी में घटिया क्वालिटी, कमजोर बाइंडिंग और बिना होलोग्राम वाली संदिग्ध किताबें जब्त की गईं.

शिक्षा में भी मिलावट! हजारीबाग में नकली NCERT किताबों के बड़े खेल का भंडाफोड़, 3 बुक डिपो पर FIR दर्ज
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( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Updated on: 10 May 2026 5:51 PM IST

झारखंड हजारीबाग जिले के प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रही धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. अधिकारियों ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि शहर में कक्षा 9 की नकली NCERT टेक्सटबुक्स बेचने वाले तीन किताबों की दुकानों के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. यह कार्रवाई तब हुई जब प्रशासन को यह पता चला कि कुछ दुकानें असली NCERT की किताबों की तरह नकली किताबें बेच रही थी. ये नकली किताबें देखने में लगभग असली जैसी लगती थी, लेकिन असल में घटिया क्वालिटी की थी. जिला प्रशासन ने कहा कि लंबे समय से अभिभावकों और स्थानीय लोगों से ऐसी शिकायतें आ रही थी कि बाजार में नकली NCERT किताबें असली बताकर बेची जा रही हैं. इन शिकायतों को गंभीरता से लिया गया.

उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को तीनों दुकानों पर एक साथ छापा मारा. इन दुकानों के नाम हैं – संगम बुक डिपो, ज्ञान भंडार-1 और ज्ञान भंडार-2। छापेमारी के दौरान टीम ने दुकानों में रखी सभी NCERT किताबों की बारीकी से जांच की. जांच में पाया गया कि कई किताबों में NCERT की आधिकारिक पहचान के लिए लगाए जाने वाले होलोग्राम नहीं थे. किताबों का कागज बहुत सस्ता और पतला था, छपाई की क्वालिटी खराब थी और बाइंडिंग भी कमजोर थी. अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से साफ पता चलता है कि ये किताबें पूरी तरह नकली थी.

दुकानदारों का दावा और प्रशासन की शंका

जब दुकान मालिकों से पूछताछ की गई तो उन्होंने दावा किया कि वे छात्रों से पुरानी NCERT किताबें खरीदते हैं और उन्हें दूसरों को बेचते हैं. लेकिन जिला प्रशासन इस बात से सहमत नहीं है. अधिकारियों का मानना है कि मामला सिर्फ पुरानी किताबों की खरीद-बिक्री से कहीं ज्यादा गंभीर है. वे शक जता रहे हैं कि यह नकली किताबों का एक संगठित रैकेट का हिस्सा हो सकता है, जो बड़े स्तर पर धोखाधड़ी कर रहा है. छापेमारी के समय स्थानीय निवासियों और गवाहों की मौजूदगी में सभी संदिग्ध नकली किताबों को जब्त कर लिया गया. इसके बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.

प्रशासन का सख्त मैसेज

जिला प्रशासन ने साफ-साफ कहा है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी कोई भी अनियमितता बहुत गंभीर मानी जाएगी. अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बच्चों की किताबें केवल अधिकृत और भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें. अगर कहीं किताब की क्वालिटी संदिग्ध लगे, होलोग्राम न दिखे या कीमत बहुत कम हो तो तुरंत जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें. यह कार्रवाई पूरे शहर के किताब व्यापारियों में हलचल मचा गई है. लोग अब सतर्क हो गए हैं और उम्मीद है कि इससे नकली किताबों का कारोबार रुकने में मदद मिलेगी. जिला प्रशासन ने आगे भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और सख्ती बरतने का भरोसा दिया है.

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