Begin typing your search...

मदद करने की सजा मौत... शादी में लड़कियों को छेड़ने का किया विरोध, तो बॉडीबिल्डर रोहित धनकड़ की 20 लोगों ने पीटकर की हत्या

हरियाणा के रोहतक का 26 वर्षीय बॉडीबिल्डर रोहित धनकड़, जिसने अपनी मेहनत और संघर्ष से राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया. शायद खुद भी नहीं जानता था कि किसी की इज़्ज़त बचाने की उसकी कोशिश उसकी जान ले लेगी

मदद करने की सजा मौत... शादी में लड़कियों को छेड़ने का किया विरोध, तो बॉडीबिल्डर रोहित धनकड़ की 20 लोगों ने पीटकर की हत्या
X
( Image Source:  x-@JATs_Land )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 30 Nov 2025 8:56 AM IST

हरियाणा के भिवानी में शादी के एक खुशियों भरे माहौल अचानक बहस और फिर खून में बदल गया, जब 26 साल के नेशनल लेवल के बॉडीबिल्डर रोहित धनकड़ ने सिर्फ इतना किया कि कुछ युवकों द्वारा लड़कियों को परेशान करने का विरोध किया.

एक जिम्मेदार इंसान और सशक्त युवा होने के नाते रोहित ने गलत को गलत कहा, लेकिन यही हिम्मत उसकी जान की दुश्मन बन गई. शादी में हुई छोटी-सी बहस ने उन मनचलों के मन में इतनी नफरत भर दी कि उन्होंने उसे सबक सिखाने की ठान ली और 20 लोगों ने मिलकर रोहित को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई.

लड़की को छेड़ने पर किया विरोध

शुक्रवार रात भिवानी के एक शादी समारोह में संगीत और खुशियों के बीच एक ऐसा पल आया जिसने सब कुछ बदल दिया. जब तिगदाना गांव की बरात पहुंची, तो कुछ युवक वहां मौजूद लड़कियों को परेशान करने लगे. इस शादी में बॉडी बिल्डर रोहित अपने दोस्त जतिन के साथ आया था. उसने लड़कों की इस गलत हरकत पर आपत्ति जताई, जिसके बाद थोड़ी बहस हुई और वे युवक वहां से चले गए. लेकिन रोहित को पता नहीं था कि उसकी यह बहादुरी उसे कितनी महंगी पड़ेगी.

अंधेरी सड़क, बंद क्रॉसिंग और 20 हमलावरों का कहर

शादी खत्म होने के बाद रोहित और जतिन घर लौट रहे थे. रास्ते में रेलवे फाटक बंद मिला, और ठीक वहीं अंधेरे में करीब 20 हथियारबंद हमलावरों ने उनका रास्ता घेर लिया. लाठी, रॉड, तेज़धार हथियार, जैसे बदले की सारी आग उस एक इंसान पर निकाल दी गई जिसने बस गलत को गलत कहा था. जतिन किसी तरह बच निकला, लेकिन रोहित वह 20 लोगों की दरिंदगी का अकेला शिकार बन गया.

कौन थे रोहित धनकड़?

रोहित धनकड़ सिर्फ एक बॉडीबिल्डर नहीं थे. वह अपने परिवार की उम्मीद था. उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी, और उसकी मां सिलाई का काम कर घर चलाती थीं. रोहित ने नेशनल लेवल पर कई मेडल जीते थे. खुद मुख्यमंत्री से सम्मान पाया था, और अपनी मेहनत से परिवार का सहारा बना था. लेकिन अब उनकी मां और बहन का संसार एक ही रात में उजड़ गया. जहां रोहित के चाचा और परिवार न्याय नहीं, फांसी की मांग कर रहे हैं.

हरियाणा न्‍यूज
अगला लेख