रोहतक में कांग्रेस विधायक बलराम डांगी के दफ्तर पर फायरिंग, पुलिस स्टेशन के सामने चलीं 4 गोलियां; वीडियो आया सामने
रोहतक के महम कस्बे में कांग्रेस विधायक बलराम डांगी के कार्यालय पर अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने देर रात चार राउंड फायरिंग की. घटना पुलिस स्टेशन के सामने हुई, जिसके बाद कई पुलिस टीमें जांच में जुट गई हैं.
हरियाणा के रोहतक जिले के महम कस्बे से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां शनिवार तड़के करीब 1 बजे कांग्रेस विधायक बलराम डांगी के कार्यालय पर कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की. राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार्यालय पूरी तरह से बंद था और वहाँ कोई मौजूद नहीं था, जिसके कारण इस हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ.
सुबह हुआ घटना का खुलासा
यह वारदात रात के सन्नाटे में हुई, इसलिए इसका पता सुबह चला. करीब 7 बजे जब कार्यालय के केयरटेकर संजय कुमार हमेशा की तरह वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि गेट का शीशा और खिड़कियां टूटी हुई थी. फर्श पर कांच के टुकड़े बिखरे देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई. संजय कुमार ने तुरंत इस घटना की जानकारी विधायक बलराम डांगी को दी और मौके की कुछ तस्वीरें उनके फोन पर भेजी. गोलीबारी की खबर मिलते ही महम विधायक बलराम डांगी बिना कोई समय गंवाए सीधे अपने कार्यालय पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी.
कार्यालय पर चलीं चार गोलियां
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हमलावरों ने कार्यालय को निशाना बनाते हुए चार राउंड गोलियां चलाई थी. इनमें से एक गोली कार्यालय के मुख्य एल्युमिनियम गेट में फंसी हुई पाई गई, जबकि बाकी तीन गोलियों के प्रहार से खिड़कियों और दरवाजों के शीशे चकनाचूर हो गए. घटना के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक बलराम डांगी ने कहा कि उन्हें इस हमले से पहले किसी भी तरह की कोई धमकी भरी कॉल या मैसेज नहीं मिला था. उन्होंने किसी भी पुरानी दुश्मनी से साफ इनकार किया है.
पुलिस स्टेशन के पास वारदात से उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि विधायक का यह कार्यालय महम पुलिस स्टेशन के ठीक सामने स्थित है. इतनी सुरक्षित जगह पर और पुलिस की नाक के नीचे गोलीबारी होना कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है. इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महम के पूर्व विधायक और बलराम डांगी के पिता, आनंद सिंह डांगी ने कहा, 'हमारी किसी के साथ कोई निजी या राजनीतिक दुश्मनी नहीं है. पुलिस स्टेशन के इतने करीब आकर सरेआम गोलीबारी करना सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देना है. अब यह पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले की गहराई से जांच करे और हमले के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करे.'
जांच में जुटीं पुलिस की कई टीमें
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रोहतक के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राजपुरोहित ने तुरंत एक्शन लिया है. उन्होंने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं. अपराध जांच एजेंसी (CIA) और महम थाना पुलिस की टीमें मौके पर सबूत जुटाने में लगी हैं. पुलिस ने विधायक कार्यालय में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे की डीवीआर (DVR) को अपने कब्जे में ले लिया है और फुटेज को खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही, हमलावर किस रास्ते से आए और किधर भागे, इसका पता लगाने के लिए आस-पास के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में लगे कैमरों की वीडियो रिकॉर्डिंग की भी बारीकी से जांच की जा रही है.




