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लाल किला ब्लास्ट: डॉ. उमर के थे मोर्चरी में रखे तीनों बॉडी पार्ट, DNA से चला पता; अबतक क्यों नहीं मिली दो गज जमीन?

दिल्ली के लाल किला बम धमाके में मरने वालों की संख्या 11 हो गई। पहले 7 लोगों की तुरंत पहचान हुई, फिर जुम्मन-लुकमान और इलाज के दौरान बिलाल-विनय की मौत हुई. मॉर्चरी में बचे तीन बॉडी पार्ट्स का डीएनए टेस्ट हुआ और पुष्टि हो गई कि ये मुख्य आरोपी आतंकवादी डॉ. उमर के ही हैं। उमर की मां के खून से डीएनए मैच किया गया. उनका शव अभी भी मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी में है.

लाल किला ब्लास्ट: डॉ. उमर के थे मोर्चरी में रखे तीनों बॉडी पार्ट, DNA से चला पता; अबतक क्यों नहीं मिली दो गज जमीन?
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( Image Source:  X Handle )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Updated on: 29 Nov 2025 7:42 AM IST

दिल्ली के लाल किला के पास हुए बम धमाके में अब तक कुल 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. शुरू में जिन 7 लोगों की मौत हुई थी और उनकी पहचान तुरंत हो गई थी, उनके नाम ये थे: अशोक कुमार, पंकज सैनी, मोहसिन मलिक, नोमान अंसारी, दिनेश कुमार मिश्र, लोकेश अग्रवाल और अमन कटारिया. इसके बाद दो और शवों की पहचान हुई जिनके नाम थे जुम्मन और लुकमान.

इस तरह मरने वालों की संख्या 9 हो गई फिर अस्पताल में इलाज के दौरान दो और लोग नहीं बचे बिलाल और विनय पाठक. इससे मृतकों की कुल संख्या 11 हो गई. धमाके के बाद मॉर्चरी में तीन टुकड़े (बॉडी पार्ट्स) अलग से मिले थे, जिनकी पहचान नहीं हो पा रही थी. अब फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी ने इन तीनों टुकड़ों का डीएनए टेस्ट किया और पुष्टि की है कि ये तीनों टुकड़े मुख्य आरोपी आतंकवादी डॉ. उमर के ही हैं.

डीएनए कैसे मैच किया गया?

डॉ. उमर की मां का खून का नमूना (ब्लड सैंपल) लिया गया था. उस नमूने से इन तीनों बॉडी पार्ट्स का डीएनए मिलाया गया और पूरी तरह मैच हो गया। इससे साबित हो गया कि ये टुकड़े उमर के ही शरीर के हैं. फिलहाल डॉ. उमर की लाश अभी भी मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी में रखी हुई है. उनके परिवार वाले अभी तक शव लेने नहीं आए हैं, इसलिए अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया है.

आजकल डीएनए टेस्ट कितना तेज हो गया है?

शुक्रवार को एम्स दिल्ली के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि अब तकनीक इतनी अच्छी हो गई है कि डीएनए मिलान का काम बहुत जल्दी हो जाता है. सिर्फ 24 घंटे में पूरी रिपोर्ट तैयार की जा सकती है. चाहे खून का नमूना हो या थूक (लार) का बहुत छोटा सा नमूना, उससे भी सटीक डीएनए प्रोफाइल बनाई जा सकती है. हालांकि डॉ. गुप्ता ने साफ किया कि उमर का डीएनए टेस्ट एम्स में नहीं हुआ था, लेकिन इस मामले में उनसे सलाह जरूर ली गई थी.

अभी भी दो लोग अस्पताल में भर्ती

धमाके में घायल हुए अंकुश और समीर अभी भी एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है. इस तरह लाल किला बम कांड में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और मुख्य आरोपी डॉ. उमर की भी मौत की पुष्टि हो गई है जांच अभी जारी है.

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