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Ground Zero: सड़क, सीवर और गंदगी से बेहाल मोहन गार्डन, तस्वीरें खोल रही हैं विकास की पोल

मोहन गार्डन में सड़क, सीवर और गंदगी से लोग बेहाल हैं. जलभराव, खुले मेनहोल और बदहाल रास्तों की तस्वीरें विकास के दावों की हकीकत सामने ला रही हैं.

Ground Zero: सड़क, सीवर और गंदगी से बेहाल मोहन गार्डन, तस्वीरें खोल रही हैं विकास की पोल
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दिल्ली के उत्तम नगर का मोहन गार्डन विकास की नहीं, बदहाली की ऐसी तस्वीर दिखा रहा है जिसे देखकर किसी भी शहरवासी का माथा ठनक जाए. सड़क पर जमा सीवर का काला और बदबूदार पानी, खुले मेनहोल, कीचड़, गड्ढे और जगह-जगह बिखरा कचरा- तस्वीरें खुद बता रही हैं कि यहां लोगों की जिंदगी किस मुसीबत से गुजर रही है. रमा पार्क रोड हो, डीके रोड या गुरुद्वारा रोड, कई जगह पैदल निकलना तक मुश्किल है. ई-रिक्शा पलटने और लोगों के गंदे पानी में गिरने का खतरा बना हुआ है. स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग, दुकानदार और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग इस बदहाली के बीच फंसे हैं. सवाल यह है कि करोड़ों के विकास कार्यों और बार-बार के आश्वासनों के बावजूद मोहन गार्डन की तस्वीर कब बदलेगी?

स्थानीय लोगों के सवाल?

1. करोड़ों रुपये के विकास बजट के बावजूद सड़क पर सीवर का पानी क्यों?

2. खुले मेनहोल और गड्ढों के बीच जनता को कौन बचाएगा?

3. सालों से समस्या है तो स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं?

4. मंत्री और विधायक निरीक्षण कर चुके, फिर हालात जस के तस क्यों?

5. टेंडर जारी हैं तो काम जमीन पर कब दिखाई देगा?

6. सीवर का गंदा पानी घरों और दुकानों के सामने क्यों जमा है?

7. स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

8. विधायक से शिकायतों के बाद भी जनता को राहत क्यों नहीं?

9. करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी तस्वीर नहीं बदली तो जवाबदेह कौन?

10. जनता को अब आश्वासन नहीं, काम पूरा होने की तारीख कौन बताएगा?

मोहन गार्डन की रमा पार्क मार्केट रोड बदहाल सड़कों और जलभराव से जूझ रही है. जगह-जगह गड्ढे, सीवर का गंदा पानी और कीचड़ से राहगीरों व दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से हालात नहीं सुधरे हैं.

नजफगढ़-उत्तम नगर मेन रोड, जहां से रोज लाखों वाहन गुजरते हैं, सीवर वर्क के चलते चार महीने से ज्यादा समय से बुरी तरह प्रभावित है. छह लेन की सड़क का सिर्फ एक हिस्सा खुला है. डीटीसी बस सेवाएं भी कई महीनों से बंद हैं, जिससे हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.

मोहन गार्डन की मुख्य सड़क इन दिनों तालाब में तब्दील है. करीब एक किलोमीटर लंबी यह सड़क घनी आबादी के बीच से गुजरती है और यहां सीवर का गंदा पानी भरा रहता है. इसी मार्ग पर तीन निजी स्कूल हैं. स्थानीय लोगों को डर है कि खुले गड्ढों और जलभराव से कभी बड़ा हादसा हो सकता है.

ये रमा पार्क रोड की सड़क है, जो लाखों लोगों की आवाजाही के बदले दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी और अन्य एजेंसियों की जेसीबी और सीवर पाइपों की वजह से बंद है. जबकि ये मोहन गार्डन की मुख्य सड़क है.

रमा पार्क रोड की बदहाली के बीच रोजी-रोटी के लिए निकला बुजुर्ग ठिठककर सोचने को मजबूर है. आगे बढ़ें या लौट जाए? सड़क पर गंदा पानी और गड्ढे हर कदम पर खतरा बने हैं.

मोहन गार्डन गुरुद्वारा रोड के कुछ कारोबारी ऐसे भी मिले, जिन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कहा कि वे तो ​अपने विधायक को पहचानते तक नहीं. वो विधायक बनने के बाद कभी दिखा ही नहीं.

अमित नाम के युवक ने कहा कि विधायक दौरे पर बराबर आते हैं, एरिया का निरीक्षण करते हैं. जब मैंने यह पूछा कि उनके आने का क्या फायदा जब लोग अपने घर से बाहर ही न निकल पा रहे हों. इस पर अमित चुप हो गया और कुछ नहीं बोला.

मोहन गार्डन की डीके रोड पर जमा सीवर का गंदा पानी लोगों के लिए मुसीबत बना है. स्वास्थ्य को लेकर चिंता के बावजूद स्थानीय लोग इसी पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं. बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है.
स्टेट मिरर स्पेशल
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