शर्ट के बटन में कैमरा, कस्टमाइज फोन और कान में Bluetooth, दिल्ली में कैसे हुआ 6 साल पुराने एग्जाम चीटिंग रैकेट का भंडाफोड़?
दिल्ली पुलिस ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित हाईटेक नकल रैकेट का खुलासा किया है, शर्ट के बटन में छिपे कैमरे और Bluetooth ईयरपीस से नकल का पूरा खेल कैसे चलता था, जानें.
दिल्ली पुलिस ने एक संगठित सरकारी भर्ती परीक्षा नकल रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह करीब छह साल से काम कर रहा था. इस रैकेट का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने खास प्लानिंग की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक शर्ट के बटन में छिपाया गया कैमरा और परीक्षा के दौरान सवालों की तस्वीरें खींचने वाला मोबाइल फोन के जरिए इस काम को अंजाम दिया जा रहा था.
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह एक स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट पर अभी कोर्ट ने संज्ञान नहीं लिया है. यह पहली चार्जशीट है जो दिल्ली पुलिस ने उस फास्ट-ट्रैक कोर्ट में दाखिल की है, जिसे Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई के लिए बनाया गया है. इसी कानून के तहत NEET-UG 2026 पेपर लीक से जुड़े मामले भी इस कोर्ट में सुने जा रहे हैं.
500 पन्नों की चार्जशीट में क्या बताया गया?
दिल्ली पुलिस ने 23 सितंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष फास्ट-ट्रैक जज अजय गुप्ता के सामने करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में पुलिस ने जिस नकल के तरीके का जिक्र किया है, उसे बेहद प्लान्ड और तकनीकी तरीका बताया गया है.
कैसे की जाती थी चीटिंग?
पुलिस के अनुसार, परीक्षा के दौरान सवालों की तस्वीरें खींची जाती थीं. इन तस्वीरों को इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट पर मौजूद गिरोह के बिचौलियों और सवाल हल करने वाले लोगों तक भेजा जाता था. इसके बाद सवालों के जवाब छिपाए गए Bluetooth ईयरपीस के जरिए परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों तक पहुंचाए जाते थे.
चार्जशीट के मुताबिक, इस गिरोह में शामिल लोगों के पास परीक्षा केंद्र में जाने से पहले खास तरह के मोबाइल फोन, वायरलेस डिवाइस और विशेष रूप से तैयार किए गए कपड़े होते थे. पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल फोन में ‘SC-OS6’ और ‘Air Droid’ नाम के एप्लिकेशन इंस्टॉल किए गए थे. इन एप्लिकेशन की मदद से परीक्षा के सवालों की तस्वीरें खींचने और उन्हें आगे भेजने का काम किया जाता था.
बटन में कैमरा, और कैसे पकड़ी गई आरोपी?
चार्जशीट में बताया गया कि एक मोबाइल फोन को आरोपी आरती की शर्ट में दूसरे बटन की जगह पर इस तरह लगाया गया था कि उसका कैमरा सवालों की तस्वीरें खींच सके. पुलिस के मुताबिक, आरती ने परीक्षा के दौरान वॉशरूम जाकर मोबाइल फोन के कैमरे को सही जगह पर सेट किया और प्रश्नपत्र की तस्वीरें भेजने की कोशिश की. इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया. पुलिस का कहना है कि पकड़े जाने के बाद आरती ने Bluetooth ईयरपीस को टॉयलेट में फ्लश कर दिया था.
मामला कैसे सामने आया?
यह पूरा मामला 26 जुलाई को Central Sanskrit University की Lower Divisional Clerk यानी LDC भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आया. परीक्षा का एक सेंटर जनकपुरी में था. इसी सेंटर पर दो उम्मीदवारों हेमंत और आरती को कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़ा गया. FIR के मुताबिक, आरती ने अपने कपड़ों के अंदर मोबाइल फोन छिपाया था और उसे परीक्षा हॉल के अंदर लेकर गई थी.
वहीं हेमंत को दूसरे कमरे में एक वायरलेस डिवाइस और ईयरबड्स के साथ पकड़ा गया. दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी और कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क का पता चला.
कौन है मास्टरमाइंड?
चार्जशीट में आठ आरोपियों के नाम शामिल हैं. इनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी इरविन कॉलेज का एक लैब अटेंडेंट भी शामिल है. पुलिस ने हरियाणा के दादरी के रहने वाले सोनू कुमार को कथित मास्टरमाइंड बताया है. सोनू चंडीगढ़ फायर डिपार्टमेंट में फायरमैन है. पुलिस के मुताबिक, सोनू और उसके सह-आरोपी दीपक ने मिलकर इस कथित नकल के नेटवर्क को चलाया.
दीपक हैदराबाद यूनिवर्सिटी में लैब अटेंडेंट के तौर पर काम करता था. चार्जशीट के अनुसार, सोनू और दीपक कथित तौर पर 2020 से इस ऑपरेशन को चला रहे थे.
कैसे उम्मीदवारों को पहले से किया जाता था तैयार?
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में भेजने से पहले खास उपकरण और कपड़े उपलब्ध कराए जाते थे. इनमें- कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, वायरलेस डिवाइस, छिपे हुए Bluetooth ईयरपीस और विशेष तरीके से तैयार किए गए कपड़े शामिल थे.
मोबाइल फोन में विशेष एप्लिकेशन इंस्टॉल किए जाते थे, ताकि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर उन्हें बाहर मौजूद लोगों तक भेजा जा सके. बाहर मौजूद बिचौलिए और सवाल हल करने वाले लोग इन सवालों के जवाब तैयार करते थे. इसके बाद जवाब परीक्षा दे रहे उम्मीदवारों तक छिपे हुए Bluetooth ईयरपीस के जरिए पहुंचाए जाते थे.
आरोपियों पर किन धाराओं में केस?
चार्जशीट में कुल आठ आरोपियों को नामजद किया गया है. इन पर भारतीय न्याय संहिता यानी Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, छोटे स्तर के संगठित अपराध और सबूत मिटाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा आरोपियों पर Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act की विभिन्न धाराएं भी लगाई गई हैं. हालांकि, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन इस पर अदालत की ओर से अभी संज्ञान लिया जाना बाकी है.




