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सरकार पूरा नहीं करती वादा, महिलाओं ने कहा- रेवड़ी बांटने वाली स्कीम हो बंद, पैसे के बजाए दें रोजगार

केजरीवाल ने यह वादा भी किया कि चुनाव में जीत के बाद इस राशि को बढ़ाकर 2100 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा. इसे लेकर स्टेट मिरर की टीम कनॉट प्लेस पर गई और वहां की महिलाओं से जानने की कोशिश की कि आखिर महिलाओं की इसपर राय क्या है. उन्हें केजरीवाल की घोषणा सही लगी या नहीं?

सरकार पूरा नहीं करती वादा, महिलाओं ने कहा- रेवड़ी बांटने वाली स्कीम हो बंद, पैसे के बजाए दें रोजगार
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नवनीत कुमार
By: नवनीत कुमार2 Mins Read

Updated on: 14 Dec 2024 12:00 PM IST

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है. अब दिल्ली में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. इसकी घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की. उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत दिल्ली की प्रत्येक महिला के खाते में हर महीने 1000 रुपये जमा किए जाएंगे.

केजरीवाल ने यह वादा भी किया कि चुनाव में जीत के बाद इस राशि को बढ़ाकर 2100 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा. इसे लेकर स्टेट मिरर की टीम कनॉट प्लेस पर गई और वहां की महिलाओं से जानने की कोशिश की कि आखिर महिलाओं की इसपर राय क्या है. उन्हें केजरीवाल की घोषणा सही लगी या नहीं?

रेवड़ी बांटने वाली स्कीम बंद होनी चाहिए

मार्केट करने आई अंजना गुप्ता बताती हैं कि आम आदमी पार्टी को रेवड़ी बांटने वाली स्कीम बंद करनी चाहिए. लोगों को जागरूक करना चाहिए. आप पैसे देने के बजाय उनको रोजगार देना चाहिए. उन्हें पैरों पर खड़ा करने की व्यवस्था करनी चाहिए. पार्क और रोड का मेंटेनेंस नहीं है. एमसीडी कभी भी शिकायत नहीं सुनती, इससे बढ़िया पीडब्ल्यूडी वाले हैं. अंजलि बताती हैं कि लोगों को लालच दिया जाता है कि काम मत करो.

गरीब महिलाओं की होगी सहायता

शिखा बताती हैं कि केजरीवाल ने 1000 रुपये देने की बात जो कही है वो बहुत सही है. अब महिलाओं को घर चलाने में थोड़ी सहायता हो जाएगी. गरीब महिलाओं को पैसों की दिक्कत होती है. पैसा मिलने से परिवार तो चल जाएगा. जो पैसा कमा रहे हैं वो बच्चों की पढ़ाई और परवरिश में खर्च करेंगे.

सरकार पूरा नहीं करती वादा

कामकाजी महिलाओं का मानना है कि जो सरकार वादा करती है वो पूरा नहीं करती है. चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार सभी एक ही सिक्के के दो पहलु हैं. अब इससे हमें कोई फायदा नहीं मिल रहा है. सरकार किसी की भी हो काम तो हमें करना पड़ेगा, क्योंकि परिवार चलना हमें है. हमें अपने परिवार को चलाने के लिए दिन रात एक करते हैं, कभी भी आजतक किसी भी योजना का फायदा नहीं मिला है.

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