प्रेगनेंसी में घसीट कर पीटा गया....पान मसाला कारोबारी बहू दीप्ति चौरसिया के घरवालों ने किया खुलासा, हत्या के आरोप में FIR
पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और परिवार के लोग पूछताछ के दायरे में हैं. दीप्ति की मां का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है और इसके पीछे लंबे समय से चल रही घरेलू हिंसा और प्रताड़ना है.
पान मसाला के बड़े कारोबारी कमल किशोर चौरसिया की 38 साल की बहू दीप्ति चौरसिया की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में अब पुलिस तेज़ी से जांच कर रही है. दीप्ति को 25 नवंबर 2025 को दिल्ली के वसंत विहार स्थित उनके घर में एक कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया था. उनकी मां ने दिल्ली पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई है, उसके आधार पर दीप्ति के पति अर्पित चौरसिया और सास के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
दीप्ति की मां का कहना है कि उनकी बेटी को पिछले कई सालों से लगातार मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था. उसे घर में अपमानित किया जाता था, परिवार के किसी भी कार्यक्रम में नहीं ले जाया जाता था, अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता था और बाहर दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलने नहीं दिया जाता था. मां ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की है.
पुरानी घटनाएं जो शिकायत में लिखी गई हैं
साल 2011 में जब दीप्ति पहली बार प्रेग्नेंट थी, तब उनके पति और सास ने कथित तौर पर उन्हें घर की पहली मंजिल से घसीटा और बुरी तरह मारा-पीटा. इस घटना से बहुत दुखी होकर दीप्ति ने अपनी मां को फोन किया. मां अपने रिश्तेदारों के साथ दिल्ली आईं उस समय ससुराल वालों ने माफी मांगी और वादा किया कि अब कभी ऐसा नहीं होगा. बेटे के जन्म के सिर्फ एक महीने बाद ही दीप्ति को पता चला कि उनके पति का किसी दूसरी महिला से संबंध है.
इसके बाद दीप्ति अपने नवजात बच्चे के साथ मायके (हावड़ा, पश्चिम बंगाल) चली गईं और करीब एक साल तक वहीं रही. एक साल बाद ससुराल वाले खुद हावड़ा आए, माफी मांगी, वादा किया कि अब अच्छे से रखेंगे और इस बात को किसी को नहीं बताने को कहा. पति ने लिखित में यह आश्वासन भी दिया कि अब कभी मारपीट या परेशान नहीं करेंगे तब जाकर दीप्ति दिल्ली वापस आईं. लेकिन 2-3 साल बाद फिर से मारपीट और अपमान शुरू हो गया.
दीप्ति को घर में अलग-थलग रखा जाने लगा, उन्हें बदनाम किया जाता था, कोई भी सामाजिक कार्यक्रम में नहीं ले जाया जाता था और ज्यादातर समय घर में अकेले रहने को मजबूर किया जाता था. उनके पति अपने फोन में कई सारे पासवर्ड लगाकर रखते थे ताकि दीप्ति फोन न देख सकें. अप्रैल 2024 में जब पति दुबई गए हुए थे, तब दीप्ति ने किसी तरह फोन खोला और उसमें आपत्तिजनक फोटो और चैट देखी. इस बात पर फिर बड़ा झगड़ा हुआ.
मौत वाले दिन क्या हुआ था?
25 नवंबर 2025 की सुबह करीब 7:30 बजे दीप्ति ने अपनी मां को फोन किया और बताया कि बेटे के मोबाइल फोन को लेकर पति अर्पित से बहुत झगड़ा हो गया है और वह बहुत परेशान हैं. इसके बाद मां ने कई बार फोन किया, मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं आया. उधर सास का कहना था कि वह सुबह एयरपोर्ट पर थीं और अर्पित ने कहा कि वह जिम से वापस आ रहा है. दोपहर में अचानक फोन आया कि दीप्ति को अस्पताल ले जाया गया है. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बताया कि दीप्ति की मौत हो चुकी है. अब पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और परिवार के लोग पूछताछ के दायरे में हैं. दीप्ति की मां का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है और इसके पीछे लंबे समय से चल रही घरेलू हिंसा और प्रताड़ना है.





