दिल्ली में फिर सड़क पर उतरी CJP, थाली-चम्मच से गूंजा जंतर-मंतर; दीपके बोले- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, प्रदर्शन की 10 बड़ी बातें
जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की अनुमति अवधि खत्म होने के बाद भी जारी रहा. अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए धरना खत्म करने से इनकार कर दिया.
Abhijeet Dipke Jantar Mantar Protest
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे थे. प्रदर्शन में उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति शाम 5 बजे तक ही दी थी, लेकिन दीपके ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
CJP का कहना है कि दिल्ली पुलिस एक बार फिर शांतिपूर्ण धरने को ख़त्म करने की कोशिश कर रही है. मगर कॉकरोच भी अपनी थाली से जवाब दे रहे हैं. हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लिए बिना हटेंगे नहीं.
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की 10 बड़ी बातें
1. क्यों शुरू हुआ प्रदर्शन? CJP और प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आरोप है कि देश की परीक्षा व्यवस्था में लगातार सवाल उठ रहे हैं. पेपर लीक, परीक्षा में देरी और पारदर्शिता को लेकर छात्र लंबे समय से नाराज हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए. इसी मांग को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों ने आवाज उठाई.
2. अभिजीत दीपके की क्या मांग है? CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सरकार से बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन उनकी मुख्य मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ें. उन्होंने पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति बढ़ाने की अपील भी की. दीपके ने कहा कि अगर गिरफ्तारी होती है तो वह सबसे पहले गिरफ्तारी देने को तैयार हैं.
3. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या हुआ? दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि प्रदर्शन की अनुमति केवल शाम 5 बजे तक थी. समय पूरा होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने को कहा. पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की. रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में किसी तरह के बल प्रयोग की सूचना नहीं थी. CJP का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन वाली जगह की लाइटें बंद कर दीं. साथ ही पानी, खाने और वॉशरूम तक पहुंचने पर भी रोक लगा दी.
4. दीपके ने धरना खत्म करने से क्यों मना किया? दीपके का कहना था कि देशभर से छात्र न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे हैं. उन्होंने पुलिस से कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण है और छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए. उनका दावा था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं बल्कि छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए है. उन्होंने समर्थकों से शाम 6 बजे दोबारा जुटने की अपील भी की.
5. प्रदर्शन में थाली-चम्मच क्यों बजाए गए? CJP ने अपने समर्थकों से थाली और चम्मच लेकर पहुंचने की अपील की थी. प्रदर्शनकारियों ने इन्हें विरोध के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया. उनका कहना था कि अगर आवाज नहीं सुनी जा रही तो विरोध की आवाज तेज करनी होगी. इसी दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए.
6. प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हुए? जंतर-मंतर पर छात्रों, युवाओं और CJP समर्थकों की मौजूदगी रही. कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच मास्क पहनकर पहुंचे और अलग-अलग संदेश लिखे पोस्टर लेकर आए. AISA से जुड़े कुछ छात्र नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया.
7. छात्रों का गुस्सा क्यों बढ़ रहा है? प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने भरोसा कमजोर किया है. NEET और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं में चिंता बढ़ी है. छात्र चाहते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी हो. उनके अनुसार यह केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है.
8. सोशल मीडिया से कैसे शुरू हुआ आंदोलन? CJP नेताओं का दावा है कि यह आंदोलन किसी बड़े राजनीतिक संगठन से नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुआ. कई युवाओं ने ऑनलाइन अपनी नाराजगी जताई और फिर जंतर-मंतर पहुंचने का फैसला किया. कुछ प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें आंदोलन के भविष्य का पता नहीं, लेकिन आवाज उठाना जरूरी लगा.
9. दीपके का पीएम मोदी को पत्र: प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग की थी. CJP लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की बात कर रही है.
10. अब आगे क्या होगा? फिलहाल मामला छात्र आंदोलन और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच खड़ा है. पुलिस अनुमति के नियमों के आधार पर कार्रवाई कर रही है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं. CJP का कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा और वह अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे.




